कैब में महिलाएं ऐसे करें अपनी सुरक्षा, NO.5 वाली बात है सबसे जरूरी

आज भले हीं देश ने कितनी भी प्रगति क्यों न कर ली हो, हम कितने भी एडवांस क्यों ना हो गए हो। लेकिन दोस्तो हमारे समाज में आज भी पूरी तरह महिलाएं सुरक्षित नहीं है। आए दिन न्यूज़ चैनल, समाचार पत्रों में महिलाओं के साथ हत्या, छेड़खानी जैसी घटनाएं सामने आती रहती है। खासकर कैब
 
कैब में महिलाएं ऐसे करें अपनी सुरक्षा, NO.5 वाली बात है सबसे जरूरी

आज भले हीं देश ने कितनी भी प्रगति क्यों न कर ली हो, हम कितने भी एडवांस क्यों ना हो गए हो। लेकिन दोस्तो हमारे समाज में आज भी पूरी तरह महिलाएं सुरक्षित नहीं है। आए दिन न्यूज़ चैनल, समाचार पत्रों में महिलाओं के साथ हत्या, छेड़खानी जैसी घटनाएं सामने आती रहती है। खासकर कैब में जब महिलाएं अकेले सफर करती हैं, तो ऐसे वक्त में खतरा और बढ़ जाता है।

कैब में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाएं आए दिन सामने आती रहती है। जहां उनका बचाव करने वाला कोई और नहीं होता। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं अपनी सुरक्षा खुद करें। दोस्तो आज हम आपको हमारी इस पोस्ट से ऐसी कुछ सावधानियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका उपयोग कर कैब में महिलाएं खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।

  1. अगर आप किसी टैक्सी या ऑटो में रात को बैठ रहीं हैं और वो भी अकेले, तो ध्यान रखें कि आप अपने घर पर

फोन करें और अपने टैक्सी का नंबर घर वाले को जरुर बता दें. साथ में यह भी ध्यान रखें कि आप जब फोन पर

बात कर कैब की डिटेल दे रहीं हों तो जोर – जोर से बात करें, ताकि कैब का ड्राइवर आपकी बात को सुन सके।

2 .आजकल प्रीपेड वाहनों का काफी चलन है. प्रीपेड टैक्सी लेते समय रिकॉर्ड में यात्री का मोबाइल नंबर, गाड़ी

नंबर, नाम और पता दर्ज कर लिया जाता है।

3 .इसके अलावा कई कैब सर्विस भी उपलब्ध हैं, जो किलोमीटर के हिसाब से पैसे लेती है. इसमें भी कंपनी पैसेंजर

का नाम, पता, फोन नंबर इत्यादि सब नोट कर गाड़ी आपके पास भेजती है और आपको भी ड्राइवर का नाम,

मोबाइल नंबर और गाड़ी का नंबर बताती है।

4 .एक संस्था में महिलाओं को कैब में सफर करने के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बिंदु बताए गए थे जो उनकी सुरक्षा से

जुड़े थे. ट्रेनर ने महिलाओं को बताया कि जब भी आप कैब में अकेले जाएं तो चाइल्ड लॉक का ध्यान जरुर रखें कि

वो लॉक ना हो।

उस ट्रेनर ने जो कि पेशे से वकील भी हैं और विशाखा गाइडलाइंस के ड्राफ्टिंग बोर्ड के सलाहकार भी. इसके

अलावा उन्होंने कई पीड़ित महिलाओं के केस भी लड़े हैं. ने बताया कि कैब में ड्राइवरों द्वारा किए गए रेप और

मोलेस्टेशन की घटनाओं में एक बात कॉमन थी कि सारी महिलाएं ऐसी कार में होती थी, जिनमें चाइल्ड लॉक लगे

हुए होते थे. इसलिए ध्यान रखें कि जब भी आप कैब का दरवाजा बंद करें, तो उसका चाइल्ड लॉक, लॉक ना हो।

5 .कारों के बारे में एक और महत्वपूर्ण जानकारी, उसके ऑटोमेटिक विंडो (अपने आप लगने वाली खिड़कियां) हैं.

इसका भी ध्यान रखें. क्योंकि इसके लॉक बटन भी ड्राइवर वाले दरवाजे के पास होता है. इसको भी बैठने पर चेक

कर लें और ड्राइवर से इन्हें खोलने को कहें।

6 .कार के हेड रेस्ट भी जरूरत पड़ने पर तोड़कर अंदर से कांच तोड़ने के काम आ सकते हैं।

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