जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वे घर तीर्थस्थल से कम नहीं हैं

1.जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वे घर तीर्थस्थल से कम नहीं हैं इस पंक्ति के माध्यम से हमें इस बात का ध्यान देना होगा कि हमें हमेशा अपने बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए क्योंकि जो लोग बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं उनका घर का वातावरण हमेशा खराब रहेगा और साथ में
 
जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वे घर तीर्थस्थल से कम नहीं हैं

1.जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वे घर तीर्थस्थल से कम नहीं हैं इस पंक्ति के माध्यम से हमें इस बात का ध्यान देना होगा कि हमें हमेशा अपने बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए क्योंकि जो लोग बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं उनका घर का वातावरण हमेशा खराब रहेगा और साथ में घर में हमें अनेकों प्रकार की परेशानी और तकलीफ आएंगे क्योंकि बुजुर्ग अपने आप में भगवान के रूप होते हैं इसलिए आप हमेशा उनका सम्मान करें ताकि आपका घर हमेशा मंदिर या पूजा स्थल से कम ना लगे।

2.आप लाख पूजा-पाठ, दान-धर्म कर लें, लेकिन घर के बुजुर्गों का ही अनादर किया तो सब बेकार है। उनका सम्मान करें।

3.जन्म देनेवाली मां और पालन करनेवाले पिता का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा है। घर के बुजुर्गों का सम्मान करें। उन्हें खुश रखें।

  1. बड़े होने पर आप यदि अपने बुजुर्ग मां-पिता का सम्मान नहीं करते हैं तो आपके बच्चे भी यही सीखेंगे। अपने बच्चों से सम्मान चाहते हैं तो अपने माता-पिता का सम्मान करें।

  2. जिस दिन वृद्धाश्रम की जरूरत खत्म हो जाएगी, उसी दिन बुजुर्गों को सही मायने में उनका सम्मान मिलेगा। हमारी-आपकी यही कोशिश हो कि घर के बुजुर्गों को कभी वृद्धाश्रम की जरूरत न पड़े। इसलिए आप कभी भी अपने घर के बुजुर्गों को वृद्धाश्रम रहने के लिए ना भेजे ना उनको मजबूर करें अगर जो लोग इस प्रकार की गलती करते हैं उन्हें जीवन में अनेकों प्रकार की परेशानी और तकलीफों का सामना करना पड़ेगा

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