शनि प्रदोष व्रत: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव पूजा सामग्री की पूरी सूची, जानिए सबकुछ

 
Shani Pradosh Vrat Worship method

Sabkuchgyan Team, 18 सितंबर 2021:- शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत तेरहवें दिन किया जाता है। प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। प्रदोष व्रत महीने में दो बार किया जाता है। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। एक साल में कुल 24 प्रदूषण उपवास होते हैं। प्रदोष व्रत के दिन विधि-विधान से भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रदूषण काल ​​में इस व्रत में पूजा का बहुत महत्व है। भगवान शंकर और माता पार्वती की कृपा से व्यक्ति सभी प्रकार के सुखों का अनुभव करता है। आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत पूजा की पूरी सूची- विधि, शुभ मुहूर्त और शिव पूजा साहित्य।

Shani Pradosh Vrat Worship method

शनि प्रदोष व्रत मुहूर्त :-

भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी प्रारंभ - 06:54 पूर्वाह्न, 18 सितंबर
भाद्रपद, शुक्ल त्रयोदशी समाप्त - 05:59 पूर्वाह्न, 19 सितंबर

प्रदोष व्रत पूजा :- विधि

१)सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
2) नहाने के बाद साफ कपड़े पहनें।
3) घर में भगवान के मंदिर में दीपक जलाएं।
४) यदि संभव हो तो उपवास करें।
5) भगवान भोलेनाथ का गंगा जल से अभिषेक करें।
6) भगवान भोलेनाथ को फूल चढ़ाएं।
7) इस दिन भोलेनाथ के साथ माता पार्वती और गणपति की पूजा करें। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति की पूजा की जाती है।
8) भगवान शिव को प्रसाद दिखाएं। याद रखें कि केवल सात्विक चीजें ही भगवान को अर्पित की जाती हैं।
9) भगवान शिव की पूजा करें।
10) इस दिन अधिक से अधिक ईश्वर का ध्यान करें।

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प्रदोष व्रत पूजा - साहित्य -:

फूल, पांच फल, पांच प्रकार के मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, बर्तन, खोड़, दही, शुद्ध घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, पंच रस, सुगंध, वास रोली, मौली जानू, पंच मिठाई, बिलेट धतूरा, भांग, बेरी, मैंगो कैट, जौ के बाल, तुलसी पार्टी, मंदार फूल, कच्ची गाय का दूध, वेलुचा जूस, कपूर, धूप, दिवा, कपास, मलयगिरी, चंदन, शिव और माता पार्वती। .

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शुभ समय: -

1. ब्रह्मा मुहूर्त - 04:34 AM ते 05:21 AM

2. अभिजीत मुहूर्त - सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:39 बजे तक।

3. विजय मुहूर्त - 02:17 अपराह्न से 03:06 अपराह्न

4. शाम का मुहूर्त - शाम 06:10 बजे से शाम 06:34 बजे तक

5. अमृत ​​काल - 05:04 अपराह्न से 06:39 अपराह्न

6. निशिता मुहूर्त - 11:52 अपराह्न से 12:39 पूर्वाह्न, 19 सितंबर

7. द्विपुष्कर योग - 06:07 AM ते 06:54 AM

8. रवि योग - सप्टेंबर 19 ,03:21 AM , ते 06:08 AM , 19 सितंबर

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