एक रिलेशनशिप में लड़के और लड़की के बीच उम्र का फासला जरूरी है?

अक्सर आपने अपने समाज में बड़े बुजर्गो से सुना होगा कि पत्नी को पति से उम्र में छोटा होना चाहिए। हम लोग बचपन से देखते आ रहे हैं, हमारे दादा-दादी, मम्मी-पापा, चाचा-चाची, मामा-मामी और अब तो हमारे भाई-भाभी के बीच भी उम्र का गैप जरूर है। लेकिन क्यों? क्या यह जरूरी है? क्या दोनों की
 
एक रिलेशनशिप में लड़के और लड़की के बीच उम्र का फासला जरूरी है?

अक्सर आपने अपने समाज में बड़े बुजर्गो से सुना होगा कि पत्नी को पति से उम्र में छोटा होना चाहिए। हम लोग बचपन से देखते आ रहे हैं, हमारे दादा-दादी, मम्मी-पापा, चाचा-चाची, मामा-मामी और अब तो हमारे भाई-भाभी के बीच भी उम्र का गैप जरूर है। लेकिन क्यों? क्या यह जरूरी है? क्या दोनों की उम्र एक जैसी नहीं हो सकती?

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दरअसल हम यहाँ इस बात पर बहस करने जा रहे है कि क्या एक वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी का उम्र में बड़ा या छोटा होना मायने रखता है? यदि हां तो आपके पति या पत्नी आपसे उम्र में बड़े हैं या छोटे? यदि बड़े हैं तो कितने बड़े हैं और अगर age में छोटे हैं तो कितने?

एक रिलेशनशिप में लड़के और लड़की के बीच उम्र का फासला जरूरी है?

समाजिक धारणा

भारतीय संस्कारों में पति को हमेशा इज्जत देना सिखाया जाता है, हमारे यहाँ पति को भगवान का दर्जा देते है इसीलिए हमारे समाज के बुद्धि-जीवियों का मानना है कि पति की age पत्नी से बड़ी होनी चाहिए?

बॉयोलॉजिकल तर्क

समय बीतने के साथ-साथ लड़कियों के हार्मोन में बदलाव आता है।

अगर लड़कियां कम उम्र की होती है और लड़के अधिक उम्र के होते हैं तो ऐसे में लड़कियों के हामोर्स में बदलाव आने के कारण वो age से पहले बुढ़े दिखने लगती हैं।

पति से age में बड़ी न लगे इसलिए लोग लड़की की उम्र से 5-6 साल बड़ा लड़का चुनते है।

एक रिलेशनशिप में लड़के और लड़की के बीच उम्र का फासला जरूरी है?

परिपक्वता भी एक बड़ा कारण है-

ऐसा कहा जाता है कि लड़कियां अपनी उम्र और लड़कों से जल्दी परिपक्व हो जाती हैं।

जिससे उनमें सोचने – विचारने की क्षमता और समझदारी जल्दी आ जाती हैं।

इसके विपरीत लड़कों में उनकी उम्र के बाद परिपक्वता आती हैं।

जिससे यदि एक ऐसे जोड़े का विवाह हो जाए जिसमें लड़की उम्र में ज्यादा बड़ी हो और लड़के की उम्र कम हो,

तो उनके विचारों में तो अंतर आता हैं. इसके साथ उनके दाम्पत्य जीवन पर भी आयु का प्रभाव पड़ता हैं।

आर्थिक तर्क

आज के आधुनिक युग में भी बहुत सारे परिवार की आर्थिक जिम्मेवारी पुरुषों पे ही होती है

आर्थिक सुरक्षा और स्थायित्व उम्र के साथ आता है.

अगर कोई शख्स अभी स्ट्रगल ही कर रहा है या फिर उसने अभी-अभी नौकरी शुरू की है तो घर संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

इस लिहाज से देखा जाए तो शादी के लिए पुरुष और महिला में एज-गैप होना ठीक है.

हमारा तर्क

ये जरूरी भी नहीं कि पति-पत्नी के age  में ज्यादा फासला होने के साइड- इफेक्ट ही हो सकते है।

अपने साथी के लिए बेपनाह प्यार और लगाव से भी इन परेशानियों को पति-पत्नी अपनी ज़िंदगी से दूर रख सकते हैं।

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