शास्त्रों में लड़की या औरतों से कभी नहीं बोलनी चाहिए, ये दो बात

औरत के अंदर ऐसे गुण होते हैं जिनकी कोई कल्पना तक नहीं कर सकता। वह बहुत ही सहनशील व धैर्य रखने वाली होती है। लेकिन कई बार हम उनकी इज्जत करने के बजाए उन्हें कुछ ऐसे शब्द बोल देते हैं जोकी हमें कभी नहीं बोलना चाहिए। हमें ऐसे शब्दों का कभी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
 

औरत के अंदर ऐसे गुण होते हैं जिनकी कोई कल्पना तक नहीं कर सकता। वह बहुत ही सहनशील व धैर्य रखने वाली होती है। लेकिन कई बार हम उनकी इज्जत करने के बजाए उन्हें कुछ ऐसे शब्द बोल देते हैं जोकी हमें कभी नहीं बोलना चाहिए। हमें ऐसे शब्दों का कभी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे किसी महिला को ठेस पहुंचे। आज हम ऐसी दो बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो शास्त्रों के अनुसार किसी महिला को नहीं बोलना चाहिए, महिलाओं को बोले गए ऐसे शब्द उनका अपमान करते है।

1.
कभी भी भूलकर भी किसी महिला को बांझ नहीं बोलना चाहिए। क्योंकि सभी स्त्रियां मां बन सके यह बिलकुल भी जरूरी नहीं है। कई बार स्त्रियों के अंदर कुछ नेचुरल कमी होती है जिसके कारण वे मां नहीं बन पाती है, इसका दुख उन्हें भी रहता है। ऐसे में जब आप ऐसी स्त्री को बांझ कह कर बुलाते हैं तो उस स्त्री को बहुत ही दुख होता है और हो सकता है दुख के गम में उसने यदि आपको बद्दुआ दे दिया तो सारी जिंदगी आपको भुगतना पड़ सकता है। इनकी बददुवाएं कभी खाली नहीं जाती क्योंकि ये दिल से बद्दुआ देती हैं।

  1. इस दुनिया में सभी महिलाएं शौक से वेश्या का काम नहीं करतीं। इसमें जरूर उनकी कोई मजबूरी होती है तभी वो ऐसे गलत रास्ते पर जाती हैं। इसलिए कोई भी स्त्री भले ही वो वेश्या क्यों न हो खुद के लिए ये सुनना बिल्कुल पसंद नहीं करेगी कि आप उसके लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करें। ये उनकी मर्जी है उन्हें उनके हाल पर छोड़ दें अन्यथा हो सकता है उसके जुबान से आपके लिए कोई बद्दुआ निकल जाए और आपको सारी जिंदगी सिर्फ एक शब्द कहने के लिए भुगतना पड़ जाए।

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