इस तरह से मांग में सिंदूर लगाना आपके पति के लिए हो सकता है दुर्भाग्य का कारण

आज कल की कुछ महिला शादी के बाद मांग में सिंदूर नहीं लगाती. मांग में सिंदूर भरना हमारी प्राचीन परम्परा है. जिसे आज नहीं निभाया जा रहा. किसी भी शादीशुदा महिला का अंदाजा हमारे देश में उसके मांग में भरे सिंदूर से लगाया जाता है. हिंदी धर्म में सिंदूर का महत्व बहुत है. सिंदूर सिर्फ
 
इस तरह से मांग में सिंदूर लगाना आपके पति के लिए हो सकता है दुर्भाग्य का कारण

आज कल की कुछ महिला शादी के बाद मांग में सिंदूर नहीं लगाती. मांग में सिंदूर भरना हमारी प्राचीन परम्परा है. जिसे आज नहीं निभाया जा रहा. किसी भी शादीशुदा महिला का अंदाजा हमारे देश में उसके मांग में भरे सिंदूर से लगाया जाता है.

हिंदी धर्म में सिंदूर का महत्व बहुत है. सिंदूर सिर्फ सुहाग की निशानी नहीं होती है. सिंदूर से आपके पति का भाग्य और दुर्भाग्य तय होता है. सिंदूर लगाने का आध्यात्मिक और वैज्ञानिक कारण है.

सिंदूर लगाने से माँ पार्वती आपको अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद देती है. शादी होने के बाद एक महिला पर काफी सारी जिम्मेदारी आ जाती है. जिनसे उनको तनाव महसूस होता है. सिंदूर में पारा मिलाया जाता है. जो स्त्री के सिर को ठंडा रखता है और तनाव से बचाता है.

महिला के सिर के बीच की जगह माँ लक्ष्मी की बताई गई है. जिस जगह सिंदूर भरने से आपके पति का भाग्य चमक उठता है और उनकी तरक्की होती रहती है. लेकिन कुछ महिला सिर के किनारे की तरफ मांग भरती है. ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पति को परेशानी का सामना करना पड़ता है और साथ में पति आपसे दूर भी हो सकता है.

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