अगर आपको भी रात को ठीक से नींद नही आती है तो यह पोस्ट आपके लिए हैं

अगर आप रात में ठीक से सो नहीं पाते हैं या लाख कोशिशों के बावजूद नींद नहीं आती है तो अपने खान पान पर जरूर ध्यान दीजिये। प्रिये पाठक आज हम जानेंगे की किस वजह से आपको रात में नींद नहीं आती है। यहां पर हम आपको उन खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे
 
अगर आपको भी रात को ठीक से नींद नही आती है तो यह पोस्ट आपके लिए हैं

अगर आप रात में ठीक से सो नहीं पाते हैं या लाख कोश‍िशों के बावजूद नींद नहीं आती है तो अपने खान पान पर जरूर ध्‍यान दीजिये। प्रिये पाठक आज हम जानेंगे की किस वजह से आपको रात में नींद नहीं आती है। यहां पर हम आपको उन खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं जो नींद न आने और घबराहट का कारण बनते हैं।

1. कैफीन

कई शोधों में इस बात का खुलासा हो चुका है कि कैफीन के सेवन से स्‍ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं जिससे पैनिक अटैक आने की आशंका रहती है। आपने यह भी देखा होगा कि नींद भगाने के लिए अकसर लोग कॉफी पीते हैं। दरअसल कॉफी में मौजूद कैफीन दिमाग के एड्नोसाइन रिसेप्‍टर्स को ब्‍लॉक कर देती है। शोधों के मुताबिक कैफीन को हमारे सिस्‍टम से बाहर जाने में कम से कम 24 घंटे का समय लगता है।बऐसे में आपको धीरे-धीरे कॉफी पीना कम करना चाहिए। हो सकता है कि इसी वजह से आपको रात में नहीं नहीं आ रही हो।

2. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे कि चीनी आटा

योगर्ट संतरे का जूस और सेरेल्‍स में मौजूद शुगर को रिफाइंड कार्ब्‍स कहते हैं। ये हमारे ब्‍लड शुगर लेवल को बढ़ा देते हैं और हमें लगता है कि हमारे अंदर एनर्जी आ गई है। जब शरीर में मौजूद इंसुलिन ब्‍लड शुगर लेवल को नॉर्मल करने लगता है तब कॉर्टीसोल रिलीज होता है। कॉर्टीसोल एक तरह का स्‍ट्रेस हार्मोन है। आप में से जो लोग रात में ब्रेड चिप्‍स या नूडल्‍स जैसे रिफाइंड कार्ब्‍स खाते हैं उन्‍हें शायद अब पता चल गया होगा कि उन्‍हें सोने में दिक्‍कत क्‍यों होती है।

3. फर्मेंटेड और स्‍मोक्‍ड खाना जैसे कि सलामी चीज़ या रेड वाइन

ताजे खाने में फर्मेंटेशन के जरिए बैक्‍टीरिया लाकर खाने को स्‍वादिष्‍ट बनाया जाता है। ये बैक्‍टीरिया खाने में मौजूद प्रोटीन को तोड़कर उन्‍हें छोटेबछोटे मॉलेक्‍यूल यानी कि अणुओं में बदल देते हैं। ये मॉलेक्‍यूल समय के साथ बढ़ते जाते हैं। ये मॉलेक्‍यूल हमारे डाइज‍ेस्टिव कार्डियोवस्‍कुलर और नर्वस सिस्‍टम पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। ये हमारे शरीर के अड्रेनलिन लेवल को बढ़ा देते हैं जिससे बेचैनी होने लगती है और नींद नहीं आती है।

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