Chanakya Niti में शत्रु की कमजोरी का कैसे लगायें पता, जाने क्या कहते हैं चाणक्य

 
How to find the weakness of the enemy in Chanakya Niti
How to find the weakness of the enemy in Chanakya Niti

Chanakya Niti की के आधार पर मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने चाणक्य नीति नामक पुस्तक में अपनी नीतियों को एकीकृत किया है। चाणक्य ने मनुष्य, जीवन और समाज का गहन अध्ययन किया और फिर उनके लिए नीतियां बनाईं। इन नीतियों के आधार पर चाणक्य ने एक साधारण लड़के चंद्रगुप्त को भारत का सम्राट बनाया और मौर्य वंश की स्थापना की। मनुष्य के जीवन को उसकी नीतियों के आधार पर बेहतर बनाया जा सकता है।

आचार्य चाणक्य की नीतियां और विचार आपको थोड़े कठोर लग सकते हैं, लेकिन यही कठिनाई जीवन की सच्चाई है। भले ही हम लोग व्यस्त जीवन में इन विचारों को अनदेखा कर दें, इन वादों के शब्द जीवन की हर परीक्षा में आपकी मदद करेंगे। आज हम आचार्य चाणक्य के इन्हीं विचारों में से एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज के विचारों में आचार्य चाणक्य ने बताया है कि शत्रु की कमजोरी का पता कैसे लगाएं।

आचार्य चाणक्य ने शास्त्रों में मित्रता और शत्रुता से संबंधित नीतियों का वर्णन किया है। हालांकि चाणक्य की नीतियां कठोर हैं, लेकिन वे जीवन की सच्चाई को दर्शाती हैं। जीवन में हम अक्सर इन विचारों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आचार्य चाणक्य के शब्द आज भी लोगों को जीवन में आगे बढ़ने में मदद करते हैं। चाणक्य एक श्लोक में बताते हैं कि आखिर कैसे दुश्मन की कमजोरियों का पता लगाया जाए।

How to find the weakness of the enemy in Chanakya Niti

चाणक्य का कहना है कि संवाद रूप की दृष्टि से शत्रु की कमजोरियों के बारे में जान सकते हैं। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति पल भर में दूसरों की कमजोरियों का पता लगा सकता है। उसकी आंखें सामने के राज खोलने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में व्यक्ति की आंखों से उसके दिल की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

जब हम किसी से मिलते हैं और उसके बारे में जानना चाहते हैं। इस अवस्था में हम उस व्यक्ति के अच्छे-बुरे को अपनी आंखों से जान सकते हैं। कहा जाता है कि इंसान अपनी बात को छुपाने के लिए झूठ का सहारा लेता है, लेकिन उसकी आंखें उसके दिल का आईना होती हैं। ऐसे में उनके दिमाग में क्या चल रहा है, यह राज उनकी आंखें खोल देता है।

चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति का डर और आत्मविश्वास दोनों उसकी आंखों में दिखाई देता है। ऐसे में व्यक्ति में केवल आंखें पढ़ने की कला होनी चाहिए। चाणक्य का मानना ​​है कि किसी व्यक्ति की आंखों को पढ़ना कोई मुश्किल काम नहीं है।

मूल लेख: शत्रु की कमजोरी का पता लगाने के लिए चाणक्य ने नीति में यह विशेष बात कही है।

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