अगर आप डाइट सोडा पी रहे हो तो जाइए सावधान

जो लोग डाइट सोडा, जीरो कैलोरीज ड्रिंक्स और अन्य ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, वो लोग जल्दी अपना वजन बढ़ाते हैं। क्या आपको पता है इन डाइट सोडा अंदर के आर्टिफीसियल स्वीटनर्स डाले जाते है । अगर आप अपना वजन घटाने की सोच रहे हो तो सॉफ्ट ड्रिंक्स और डाइट ड्रिंक्स पीना छोड़ दें, क्योंकि इन
 
अगर आप डाइट सोडा पी रहे हो तो जाइए सावधान

जो लोग डाइट सोडा, जीरो कैलोरीज ड्रिंक्स और अन्य ड्रिंक्स का सेवन करते हैं,  वो लोग जल्दी अपना वजन बढ़ाते हैं। क्या आपको पता है इन  डाइट सोडा अंदर के आर्टिफीसियल स्वीटनर्स डाले जाते है ।

अगर आप अपना वजन घटाने की सोच रहे हो तो सॉफ्ट ड्रिंक्स और डाइट ड्रिंक्स पीना छोड़ दें, क्योंकि इन डाइट सोडा ड्रिंक्स को पीने से वजन घटने के बजाय और बढ़ जाता है ।
रिसर्चर्स के अनुसार जो लोग यह सोचते है कि शुर्ग्री ड्रिंक्स और अल्कोहल को छोड़ कर वे केवल कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीयेंगे और सिर्फ लौ कैलोरी ड्रिंक्स सेवन करेंगे तो बिल्कुल गलत सोचते हैं क्योंकि यह भी हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक है साबित हो सकती है।

पालस्तीनिण बिर्ज़ेइट (Palestinian Birzeit ) यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार ऐर्टेड ड्रिंक्स मतलब  ( गैस से भरे हुए पेय) असल में यह हमें खाली पेट का अनुभव कराते हैं। जिससे कारण हम ज़रूरत से ज्यादा खा लेते है और यही हमारा वजन बढ़ाने में मदद करता है।

अगर आप डाइट सोडा पी रहे हो तो जाइए सावधान
Image Source : Dr. Weil

यह सब इन ड्रिंक्स के अंदर भारी हुई कार्बन डाइऑक्साइड गैस मात्रा अधिक होती है  जो इन ड्रिंक्स के अंदर बबल्स भर देती है। यह गैस हमारे भूख के हॉर्मोन घ्रेलिन का बैलेंस खराब करती है। वैसे भी आपको मालूम होना चाहिए कि CO2 गैस का हमारे शरीर में कोई काम नही है।

इसको पढ़ने के लिए रेसेसर्चेर्स की शोध के अनुसार  इस चीज़ का प्रभाव चूहों में देखा कि जिनको फ्लैट सुगरी ड्रिंक्स साथ मे नार्मल डाइट दी जा रही थी  उनमें बिल्कुल भी वजन नहीं बढ़ा। फिज्ज़ी ड्रिंक्स, जीरो कैलोरी वाली ड्रिंक्स जिनमे आर्टिफीसियल स्वीटर्नर्स होते है, वो डाइट उनको दी तो, वेट बढ़ता हुआ दिखाई दिया । इन चूहों के वजन उन फ्लैट ड्रिंक्स वाले चूहों से ज्यादा था। और एक साल बाद इन चूहे में ओबेसिटी यानी मोटापे की समस्या आनी लगी और साथ शरीर के अलग अलग हिस्सों में चर्बी जमा होने लगी। इन चूहों में घ्रेलिन हॉर्मोन भी ज्यादा मात्रा में पाया गया।

और ऐसे ही जो लोग स्पार्कलिंग वाटर यानी कार्बोनेटेड पानी पीते है उनके आदत भी घ्रेलिन की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए दोस्तों सुरक्षा में ही सावधानी है।

Author: Nandini Namdev

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