महिलाओं को बांझ बना रही है बीमारियां…जान लें कहीं देर ना हो जाये

किडनी रोग: किडनी रोग डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर और धमनियों के खड़े होने से हो जाते हैं इनके कारण भी होते हैं इसी को कहते हैं बीमारियां हो जाती है किडनी रोगों के कारण यह बीमारियां माता-पिता दोनों में से बच्चों को विरासत में मिलती है क्योंकि किडनी रोगों के कारण अलग अलग हो सकते
 
महिलाओं को बांझ बना रही है बीमारियां…जान लें कहीं देर ना हो जाये

किडनी रोग:  किडनी रोग डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर और धमनियों के खड़े होने से हो जाते हैं इनके कारण भी होते हैं इसी को कहते हैं बीमारियां हो जाती है

किडनी रोगों के कारण

यह बीमारियां माता-पिता दोनों में से बच्चों को विरासत में मिलती है क्योंकि किडनी रोगों के कारण अलग अलग हो सकते हैं उसी प्रकार अलग अलग रोगियों में इसके लक्षणों में भी अलग-अलग तरह की भिन्नता पाई जाती है कुछ सामान्य लक्षणों में बहुत अधिक या बहुत कम पेशाब, पेशाब में रक्त आना या फिर रसायनों की मात्रा असामान्य हो जाना सम्मिलित है

किडनी में ट्यूमर या फिर कोई सूजन

समस्या तो इस रूप का डायलिसिस करने में है क्योंकि जब तक किडनी में ट्यूमर या फिर कोई सूजन नहीं है तो डॉक्टरों के लिए केवल इसे छूकर चेक करना कठिन हो जाता है वैसे इसके बहुत सारे टेस्ट है जिनसे किडनी को ठीक की जांच की जा सकती है पेशाब का नमूना और इसमें प्रोटीन शुगर रक्त आदि की जांच कराएं

किडनी ट्रांसप्लांट द्वारा नियंत्रित

इस संक्रमण को एंटीबायोटिक से भी ठीक किया जा सकता है अगर संक्रमण बैक्टीरिया के कारण हो इस प्रकार के मामलों में कारणों का उपचार करने से किडनी की सामान्य कार्यप्रणाली वापस प्राप्त करना संभव होता है जब किडनी फेलियर अंतिम चरण पर पहुंच जाता है तब उसे केवल डायलिसिस किडनी ट्रांसप्लांट द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है सप्ताह में एक बार किया जा सकता है या इससे अधिक भी |

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