मानव का मस्तिष्क लगभग कितने ग्राम का होता है?

मानव मस्तिष्क एक ऐसी संरचना होती है जिसके द्वारा सोचने समझने की क्रिया को संपादित किया जाता है और वही आपको बता दें कि मस्तिष्क में मानव शरीर का सबसे जरूरी अंग होता है जो कि चलना ,फिरना ,बैठना ,उठना ,सोना ,खाना, पीना आदि कार्य को पूर्ण रूप से चलाने का काम करती है। और
 

मानव मस्तिष्क एक ऐसी संरचना होती है जिसके द्वारा सोचने समझने की क्रिया को संपादित किया जाता है और वही आपको बता दें कि मस्तिष्क में मानव शरीर का सबसे जरूरी अंग होता है जो कि चलना ,फिरना ,बैठना ,उठना ,सोना ,खाना, पीना आदि कार्य को पूर्ण रूप से चलाने का काम करती है। और यही नहीं मस्तिष्क यह पता करती है कि आगे क्या करना है या फिर कैसे कुछ कार्य को किस तरीके से करना है यह सब कार्य मस्तिष्क आसानी से कर देती है। पर आज हम आपको यह बताएंगेे कि मस्तिष्क का संपूर्ण वजन कितना होता है एक आम आदमी के दिमाग का वजन 3 पाउंड यानी 1 किलो 500 ग्राम तक होता है.

 

इंसान का दिमाग 75 फीसदी से ज्यादा पानी, 10 फीसदी फैट और 8 फीसदी प्रोटीन से बना होता है. यह शरीर का सब से ज्यादा चरबी वाला अंग है.जो की काफी नाजुक बनी होती है। जिसे मस्तिष्क कहा जाता है। जैसा कि आप तस्वीर में देख पा रहे होंगे की किस तरह से मस्तिष्क की संरचना होती है। और मस्तिष्क का आकार कैसा होता है।जैसा कि आप देख पा रहे होंगे मस्तिष्क का आकार पूरी तरह से फुटबॉल की तरह गोल है।और आपको यह बता दें कि मृत्यु के दौरान मस्तिष्क का वज़न कुछ हद तक कम हो जाता है। साथ ही मृत्यु के दौरान शरीर का वजन भी कम हो जाता है जो कि सत्य बात है। और यह कई अस्पतालों में हो चुका है। और जांचकर्ता के तरफ से भी इस घटना को मंजूरी मिली है।जो को सत्य बातें है।

From Around the web