गुस्सा हमारे बने बनाये काम पर पानी फेर देती है, हमारे खेल पर भी पड़ता है भावनाओं का असर

 
Anger spoils the work made by us emotions also affect our game

सच है, यूँ ही नही कहा जाता है कि गुस्सा हमारे बने बनाये काम पर पानी फेर देती है. और इस को बात एक में भी शोध भी सीध्द किया गया है कि गुस्सा हमारे खेल को भी बिगाड़ सकता है. विडियो गेम खेलते समय मन में गेम के कारण कई भाव आते हैं यानि उस वक्त भावात्मक दबाव तो रहता ही है. लेकिन अगर आप पहले से ही गुस्सा या

चिंता में हैं और आप विडियो गेम खेल रहे हैं तो फिर चाहे वह आपका पसंदीदा गेम या फिर आप उस में कितना ही माहिर क्यों न हो वह आपके खेल को बिगाड़ ही देगा.ऐसे किया गया शोधशोधकर्ताओं ने शोध एक खास तरीके से की सबसे पहले जिन लोगों पर शोध करना था उन्हें शोध से पहले भावात्मक दबाव के लिए विडियो क्लिप देखाया गया

जिससे लोगों पर भावात्मक दबाव जैसे खुशी, गुस्सा और उदासीनता आदि भाव आ सके. उसके बाद उन्हें लोकप्रिय फुटबॉल खेल फिफा 19 विडियो गेम खेलने को दिया गया. और उनके भावनाओं के आधार पर गेम में की गई प्रर्दशन की तुलना की गई. अध्ययन में 18 से 37 वर्ष आयु के बीच के 241 पुरुषों को शामिल किया गया. उनसे फिफा

19 गेम के 5 मैच खेलने को कहा गया. और उन्हें जैसा कि मैच से पहले मनोरंजन, उदासी, क्रोधऔर प्रसन्नता के विडियोज़ दिखाएं गए थे. यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि जो खिलाड़ी सकारात्मक भाव के साथ खेल में सिरकत लिया था उनका प्रर्दशन बेहतर था. इन सब के अलावा शोध में यह भी पता चला कि जिस प्रतिभागी को अपनी

क्षमता पर अधिक आत्मविश्वास रहा और शारीरिक रूप से खेल में पूर्णतः शामिल थे उनका प्रर्दशन की प्रस्तुति और परिणाम भी अन्य के मुकाबले में अधिक बेहतर थे.

हमारी मन: स्थिति यह निर्धारित करती है कि हमारे उद्देश्य का परिणाम क्या होगा। फिर चाहे वह कुछ भी हो किसी भी क्षेत्र से हो. किसी कार्य या योजना का परिणाम इस पर अधिक निर्भर करता है कि हम किसी भावात्मक स्थिति में क्या फैसला ले रहे हैं? गुस्सा हमारा बना से बना हुआ काम बिगाड़ सकता है

Anger spoils the work made by us emotions also affect our game

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