एडिटर स्पेशल : नयी सत्र- नयी शुरुआत

हर सत्र एक नयी शुरुआत करता है। इसलिए स्कूल के पहले दिन जब आप सब नए उत्साहित होकर स्कूल में अपनी नयी और शानदार यूनिफार्म में आते हैं, तो यह दिन आपका और भी ज़्यादा ख़ास हो जाता है। पृथ्वी अपनी धुरी पर सूरज के इर्द गिर्द घूमती है। पूरा ब्रह्माण्ड इस आकृति का पालन
 
एडिटर स्पेशल : नयी सत्र- नयी शुरुआत

हर सत्र एक नयी शुरुआत करता है। इसलिए स्कूल के पहले दिन जब आप सब नए उत्साहित होकर स्कूल में अपनी नयी और शानदार यूनिफार्म में आते हैं, तो यह दिन आपका और भी ज़्यादा ख़ास हो जाता है।
पृथ्वी अपनी धुरी पर सूरज के इर्द गिर्द घूमती है। पूरा ब्रह्माण्ड इस आकृति का पालन करते है। आप सभी ने भी एक चक्कर को ख़त्म किया है और नए की शुरुवात कर रहे है। अब नयी किताबें, नयी कला, नयी प्रार्थना सभी और नयी जीत होगी। अगर आपने अपने अनुभवों से कुछ सीखा है तो यह सत्र आपके लिए बेहतर होगा। उन सभी को मुबारकबाद जिनके नंबर अच्छे आये है और उन सभी को भी मुबारकबाद जिन्होंने अपने नम्बरों में सुधार किया। अगर आपने अपनी परफॉरमेंस में सुधार नहीं किया तो अब समय है की आप खुद को ज़्यादा मेहनत के लिए तैयार करले क्यूंकि ऊपर उठने के लिए कभी देर नहीं होती। ज़िन्दगी में सफल होने के लिए आपको जीनियस होने की ज़रुरत नहीं है। हर कोई अनोखा है और सब में कुछ न कुछ अच्छी आदत है। इसलिए किसी से तुलना करने का कोई मतलब नहीं है। खुद से प्रतियोगिता करे।

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क्या आपको जंगल स्कूल की कहानी पता है? हम आपको बताते है। एक बार सभी जानवरों ने अपने बच्चों के लिए स्कूल खोलने का फैसला किया। शिक्षक रखे गए। पाठ्यक्रम बनाया गया और पाठ शुरू हो गया। लोमड़ी, गिलहरी, बतख, मछली, मोर, खरगोश, चिड़िया और चील ने अपने बच्चो का एडमिशन करवा दिया। कुछ समय बाद परीक्षा के परिणामों का एलान हुआ। माता पिता बच्चो से नाराज़ हुए। आपको पता है क्यों? क्यूंकि मछली तैराकी में पहले नंबर पर आयी लेकिन चल नहीं सकी। लोमड़ी रेस में जीत गयी लेकिन उड़ने में हार गयी। गिलहरी झट से पेड़ पर चढ़ गयी लेकिन तैराकी में हार गयी। अभिभावकों ने शिक्षकों से अपने बच्चों को सजा देने के लिए कहा ताकि वह अपनी परफॉरमेंस सुधार ले लेकिन इससे परिणाम और भी बुरे हो गए। साल के अंत में स्कूल बंद हो गया। जंगल के जानवरों को एहसास हुआ की उनके बच्चो को एक दूसरे से प्रतियोगिता करने के बजाये खुद की प्रकृति पर ध्यान देना चाहिए। इस कहानी का सन्देश यह हैं की आप हर काम में अच्छे नहीं हो सकते। दूसरो से आपकी कोई प्रतियोगिता नहीं है। आप खुद से प्रतियोगिता करके अपने रिकॉर्ड को पीछे छोड़े। उन्नति नियमित है। आप हर दिन बढ़ते है। सफलता के लिए कोई छोटा रास्ता नहीं होता। अपने सभी कामों को पूरी ईमानदारी से करे। सही काम करने वाले ही आखिर में जीतते है।

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