आपके सोने के गलत तरीके से भी आपकी हेल्थ पर पड़ता है प्रभाव, जानिए सही तरीका

दिनभर काम करने के बाद जब आप थक जाते हैं तो केवल मीठी नींद की तलाश में होते हैं। कारण कि चैन की नींद मिलने के बाद एक अलग तरह की ताजगी आप महसूस करते हैं। लेकिन अधिकांश लोगों को कई बार चैन की नींद नहीं मिल पाती है। तभी तो वो जब सुबह सोकर
 
आपके सोने के गलत तरीके से भी आपकी हेल्थ पर पड़ता है प्रभाव, जानिए सही तरीका

दिनभर काम करने के बाद जब आप थक जाते हैं तो केवल मीठी नींद की तलाश में होते हैं। कारण कि चैन की नींद मिलने के बाद एक अलग तरह की ताजगी आप महसूस करते हैं। लेकिन अधिकांश लोगों को कई बार चैन की नींद नहीं मिल पाती है। तभी तो वो जब सुबह सोकर उठते हैं तब उन्हें कमर दर्द से लेकर सीने में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ये तमाम परेशानियाें का कारण आपके सोने का गलत तरीका है। हर रात हम इस बात पर ध्यान दिए बिना ही सो जाते हैं। इसके बाद सुबह उठने पर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज हम आपके लिए ऐसे ही कुछ टिप्स लेकर आए हैं।

इनके बूते आपको इन मुश्किलों से राहत मिल जाएगी। तो फिर देर किस बात की है। आइए जानते हैं पूरा मामला।

पीठ के बल सीधे हाथ करके सोना

आमतौर पर इस स्लीपिंग पोजीशन को रीढ़ और गर्दन के स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। हालांकि इस पोजीशन में बहुत सारे तकियाें का इस्तेमाल करना गलत होता है। साथ ही इस पोजीशन में सोने से खर्राटे भी ज्यादा आते हैं। इससे स्लीप एप्निआ की समस्या भी हो जाती है।

पीठ के बल हाथ ऊपर कर सोना

इसे ‘स्टारफिश’ पोजीशन कहा जाता है। पीठ के बल सोने का एक फायदा यह भी होता है कि चेहरे पर झुर्रियां जल्दी नहीं पड़ती है। इस पोजीशन के सोने का नुकसान यह है कि कंधों पर अधिक दबाव बनता है, जिससे दर्द की समस्या उत्पन्न होती

पेट के बल सोना

पेट के बल सोने से डाइजेस्टिव सिस्टम सही रहता है और लोअर बैक पैन ठीक होता है। लेकिन सांस आती रहे, इसलिए चेहरे को एक ओर मोड़कर सोना बेहतर होता है। हालांकि इस स्लीपिंग पोजीशन को सबसे रिस्की माना जाता है। इस पोजीशन में सोने से गर्दन पर ज्यादा जोर पड़ता है। साथ ही पीठ दर्द की समस्या भी होती है।

भ्रूण की तरह सोना

इस तरह पैर को छाती तक मोड़कर और ठोड़ी को नीचे मोड़कर सोना बहुत आरामदायक लगता है। मगर इस वजह से गर्दन और पीठ की नसों में खिंचाव आ जाता है। इस पोजीशन में सोने से सांस लेने में भी दिक्कत आ सकती है।

करवट लेकर सोना

करवट लेकर हाथ बिल्कुल सीधे रखकर सोने से रीढ़ की हड्डी नेचुरल कर्व में रहती है। इससे पीठ और गर्दन दर्द से छुटकारा मिलता है। मगर इस पोजीशन में सोने से झुर्रिया जल्दी पड़ने लगती है, और स्तन भी शिथिल पड़ने लगते हैं।

तकिये का सहारा

भले ही आप किसी भी पोजीशन में सो रहे हो मगर एक तकिए का सहारा लेना अच्छी और दर्दरहित नींद दे सकता है। पीठ के बल सोने वाले रीढ़ की हड्डी के आर्च के नीचे, करवट लेकर सोने वाले घुटनों के बीच और पेट के बल सोने वाले अपने हिप्स के नीचे तकिया रखकर सोए तो बेहतर होता है।

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