क्यों आपके लिए मीठा आलू भी हो सकता है नुकसानदायक

मीठा आलू अर्थात शकरकंद खाने में तो अच्छा लगता ही है ,एवं इसको खाने से शरीर को कई फायदे भी होते हैं। लेकिन इसका व्यवहार सही मात्रा में ना करने से शरीर को कई तरह के नुक़सान का सामना भी करना पड़ सकता है। आपने मीठे आलू अर्थात शकरकंद खाने के फायदों के बारे में
 
क्यों आपके लिए मीठा आलू भी हो सकता है नुकसानदायक

मीठा आलू अर्थात शकरकंद खाने में तो अच्छा लगता ही है ,एवं इसको खाने से शरीर को कई फायदे भी होते हैं। लेकिन इसका व्यवहार सही मात्रा में ना करने से शरीर को कई तरह के नुक़सान का सामना भी करना पड़ सकता है। आपने मीठे आलू अर्थात शकरकंद खाने के फायदों के बारे में तो जाना ही होगा लेकिन आज हम आपको इसके नुक़सान के बारे में जानकारी देने की कोशिश करेंगे।

मीठे आलू

एक प्रकार का शक्कर पाया जाता है। जिस कारण इसका स्वाद मीठा होता है।इसका नाम है मैनिटोल। बहुत से लोगों को मैनिटोल से एलर्जी होती है।उन लोगों को शकरकंद का सेवन कम मात्रा में ही करना चाहिए। नहीं तो पेट से सम्बंधित कई समस्याएं देखने को मिल सकती है। पेट में गैस, दर्द , पेट ख़राब होने जैसी समस्याये देखने को मिल सकती है। बहुत समय ये सूजन और दर्द का कारण बन जाता है। बहुत समय दस्त का कारण भी मैनिटोल बन सकता है।

मीठे आलू

ग्लाइसेमिक इंडेक्स का स्तर कम ही होता है। लेकिन इसे ज्यादा उबालने से ग्लाइसेमिक इंडेक्स का स्तर बढ़ता जाता है।जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। साधारण से उबले हुए मीठे आलू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स का स्तर लगभग 44 होता है लेकिन वही आलू को अगर 50 मिनट तक पकाया जाएं तो ये स्तर बढ़ने लगता है। इसका स्तर लगभग 95 के आसपास पहुंच जाता है। एवं ऐसे में मीठे आलू को खाने से शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ने लगती है।जो एक सूगर या डायबिटिक रोगी के लिए बिल्कुल सही नहीं है। शरीर में शर्करा की मात्रा बढ़ जाने से कई तरह की समस्यायें दिखने लगती है।

शकरकंद में विटामिन डी, विटामिन बी 6, आयरन भरपूर मात्रा में होता है। लेकिन ज्यादा पकाने से इसके गुण नष्ट हो जाते हैं। साथ ही साथ इसमें उपस्थित शर्करा शरीर को नुक़सान पहुंचाता है। इसमें शर्करा की मात्रा कम ही होती है अतः सुगर रोगी इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा उबालकर नहीं खाना चाहिए।

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