बढ़े हुए थायरॉइड के बारे में ये बातें आपको डॉक्‍टर भी नहीं बताएगा, जानें इन्‍हें

थायरॉइड ग्लैंड थायरोक्सिन नामक हार्मोन पैदा करता हैं, जो मेटाबॉलिज्म को नार्मल बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन अगर यह हार्मोन आवश्यकता से ज्यादा बनने लगता है तो हमारा वजन घटने लगता है व अगर यह हार्मोन कम बनने लगता है तो हमारा वजन बढ़ने लग जाता है. इसीलिए इस हार्मोन का सीमित बना
 
बढ़े हुए थायरॉइड के बारे में ये बातें आपको डॉक्‍टर भी नहीं बताएगा, जानें इन्‍हें

थायरॉइड ग्‍लैंड थायरोक्सिन नामक हार्मोन पैदा करता हैं, जो मेटाबॉलिज्म को नार्मल बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन अगर यह हार्मोन आवश्यकता से ज्यादा बनने लगता है तो हमारा वजन घटने लगता है व अगर यह हार्मोन कम बनने लगता है तो हमारा वजन बढ़ने लग जाता है.

इसीलिए इस हार्मोन का सीमित बना रहना बेहद महत्वपूर्ण है.

बढ़े हुए थायरॉइड के बारे में ये बातें आपको डॉक्‍टर भी नहीं बताएगा, जानें इन्‍हें

बहुत ज्‍यादा नमक थायरोनोर्म व कैल्‍सीटोनिन (thyronorm and calcitonin)

जैसे हार्मोन की नॉर्मल रिलीज में कठिनाई पैदा करता है.

इसलिए डाइट में बहुत अधिक नमक खाने से भी बचना चाहिए

. फूलगोभी, ब्रोकली व सोयाबीन जैसे फूड्स थायरॉइड में समस्या को ज्‍यादा बढ़ा देता है

इसलिए सोया फूड व तेल का सेवन करने से बचना चाहिए. इन चीज़ो के प्रयोग के बारे में जाने

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नमक:थायरॉइड ग्लैंड नमक का प्रयोग करके ही थायरोक्सिन हार्मोन बनाता है.

इसीलिए जब भी हमारी बॉडी मेंआयोडीन की कमीहोती है

तो थायरॉइड ग्लैंड बढ़ने लगता है. इसीलिए आयोडीन नमक पर्याप्त मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है. अगर आप सीमित मात्रा में आयोडीन का सेवन करती हैं

तो आप थायरॉइड जैसी गंभीर बीमारी से बची रह सकते हैं

. इसलिए हेल्‍दी रहने के लिए आयोडीन नमक पर ज्यादा जोर दि

या जाता है.

बढ़े हुए थायरॉइड के बारे में ये बातें आपको डॉक्‍टर भी नहीं बताएगा, जानें इन्‍हें

सोयाबीन:सोयाबीन का इस्‍तेमाल ज्‍यादातर लोग सब्जी के रूप में करते हैं. लेकिन इसका ऑयल भी मिलता है जिसे हम बड़े चाव से खाते हैं. लेकिन क्या आपको इस बात की जानकारी है कि सोयाबीन में भी गॉइट्रोगन पाया जाता हैं, जो थायरॉइड रोग के लिए जिम्मेदार होता है. इसीलिए अगर आप सोयाबीन खाती हैं तो आपके शरीर में थायरोक्सिन बढ़ या कम हो जाता है. थायरोक्सिन के बढ़ने या कम होने से थायरॉइड की बीमारी होने लगती है. जो हमारी बॉडी के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. इसीलिए सोयाबीन का इस्‍तेमाल इस बीमारी में नहीं करना चाहिए.

पत्ता या फूलगोभी:इन दोनों तरह की गोभी के अंदर गॉइट्रोगन (guitornoids) नामक तत्‍व बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जैसा कि आपको सिमरन सैनी जी बता चुकी है. यहथायरॉइड की समस्‍याको बढ़ाते है. इसलिए अगर आपको लगता है कि आपको यह रोग है तो आप बिल्कुल भी गोभी का सेवन ना करें.

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