बार बार होता है सर्दी जुकाम, अपनाये ये घरेलू तरीका, जल्दी जानिए

मौसम बदलते के समय जुकाम, सिर दर्द, खासी होना तो आम बात है । परन्तु किसी को यदि बार बार जुकाम होता है तो ये दर्शाता है कि आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम है। इसे हल्के में नही लेना चाहिए। पहले तो ये समझ ले कि प्रतिरोधक क्षमता क्या होती है ? प्रतिरोधक क्षमता
 
बार बार होता है सर्दी जुकाम, अपनाये ये घरेलू तरीका, जल्दी जानिए

मौसम बदलते के समय जुकाम, सिर दर्द, खासी होना तो आम बात है । परन्तु किसी को यदि बार बार जुकाम होता है तो ये दर्शाता है कि आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम है। इसे हल्के में नही लेना चाहिए।

पहले तो ये समझ ले कि प्रतिरोधक क्षमता क्या होती है ? प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को अन्य रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। जैसी की सीमा पर हमारे जवान देश के दुश्मनों को अंदर आने से रोकते है। जिस दिन दुश्मन को मौका मिलता है वे घुस आते है। ऐसे ही अगर हम अपने स्वस्थ के प्रति यदि सचेत नही होंगे तो आपको अनेको बीमारियां घेर लेंगी। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाए बताने जा रहे है जिनसे आप अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते है।

लहसुन हमारी रोग प्रतिरोधक तो बढ़ने में मुख भूमिका निभाता है। लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमें रोगों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

प्राचीन काल से ही तुलसी को एक औषधि के रूप में जाना जाता है। यह एक अदभुत एंटीबायोटिक है। सर्दी जुकाम , खांसी , सांस सम्बन्धित समस्याओं में रामबाण है।

क्या आप जानते है की दूध से कही ज्यादा फायदे है दही। रोज एक कटोरी दही खाने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है। दही में मौजूद बैक्टीरिया शरीर के प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है। परन्तु एक बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए की दही हमेशा ताज़ा खाना चाहिए।

हरी सब्ज़ियों में कई प्रकार के ए , बी विटामिन्स और खनिज तत्व पाए जाते है जो हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है।

हल्दी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। यह हमें विभिन्न संक्रमणों से लड़ने की ताकत प्रदान करती है। चाहे अंदरूनी घाव हो या शरीर के बाहर के घाव, यह उन्हें भरने का काम करती है। इसलिए भारतीय परिवारों में हल्दी को अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाता है।

From Around the web