आज ही करे डाइट में ये चीज़ शामिल, प्रदूषण के इस दौर में रहे हेल्दी

इस ज़हरीली हवा और प्रदूषण के बढ़ते स्तर से फेंफड़े कमज़ोर हो रहे हैं और लोगों को सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है. ऐसे में ज़रूरी है कि हम हेल्दी डाइट लें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. आपको फ़िट रखने के लिए तीन ऐसी चीज़ों के बारे में बता रहे हैं जो हर किसी
 
आज ही करे डाइट में ये चीज़ शामिल, प्रदूषण के इस दौर में रहे हेल्दी

इस ज़हरीली हवा और प्रदूषण के बढ़ते स्तर से फेंफड़े कमज़ोर हो रहे हैं और लोगों को सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है. ऐसे में ज़रूरी है कि हम हेल्दी डाइट लें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. आपको फ़िट रखने के लिए तीन ऐसी चीज़ों के बारे में बता रहे हैं जो हर किसी के घर में आसानी से उपलब्ध होती हैं.

  1. टमाटर – विटामिन सी, बीटा-कैरोटीन और लाइकोपीन एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर टमाटर फेफड़ों की समस्या को दूर करता है. डायटीशियन बत्रा के अनुसार, बीटा-कैरोटीन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को कम करने में मदद करता है. इसलिए, अगर आप ख़ुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो सलाद, जूस और सैंडविच में हर दिन कम से कम 2-3 टमाटर का सेवन ज़रूर करें.

  2. अलसी के बीज – फ़ाइटोएस्ट्रोजेन और ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड से भरपूर अलसी के बीज अस्थमा के साथ फेफड़ों की एलर्जी को दूर करने में मदद करता है. ओमेगा 3 फ़ैटी एसिड मौजूद स्मॉग के बुरे प्रभावों को कम करने में मदद करता है. डाइटीशियन के अनुसार, अलसी के बीज को ओट्स, अनाज, स्मूदी या सलाद में ले सकते हैं. इसके अलावा इन्हें भूनकर भी खाया जा सकता है.

  3. पालक – पालक क्लोरोफ़िल नाम के एंटीऑक्सिडेंट के कारण हरे रंग की होती है. इसमें होने वाले एंटी-म्यूटाजेनिक गुण, मैग्नीशियम और मज़बूत कैंसर विरोधी गुण फेफड़ों को प्रदूषित हवा से बचाने में मदद करते हैं. साथ ही पालक से इम्यून सिस्टम भी ठीक होता है क्योंकि इसमें ल्यूटिन, कैरोटीन और ज़ेक्सैन्थिन होता है. डायटीशियन का कहना है, पालक को अपनी डाइट में शामिल करें. इसे सुबह जूस के रूप में या जैतून का तेल और सॉस लगाकर सलाद की तरह भी खा सकते हैं.

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