छींक से जा सकती है आपकी जान अगर करदी यह गलती, जल्दी जानिए

आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि अगर आपको छींक आती हैं और आप छींक रोखने की कोसिस करते हैं तो यह आपके शरीर के लिए काफी हानिकारक पड़ सकता हैं। इसलिए आप यह आर्टिकल शुरू से लेकर लास्ट तक पढ़ते रहिये। छींक कभी किसी से पूछकर नही आती हैं। छींक आने के
 
छींक से जा सकती है आपकी जान अगर करदी यह गलती, जल्दी जानिए

आज की इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि अगर आपको छींक आती हैं और आप छींक रोखने की कोसिस करते हैं तो यह आपके शरीर के लिए काफी हानिकारक पड़ सकता हैं। इसलिए आप यह आर्टिकल शुरू से लेकर लास्ट तक पढ़ते रहिये।

छींक कभी किसी से पूछकर नही आती हैं। छींक आने के कई कारण हो सकते हैं।

अगर आप शुद्ध वातावरण में नही बैठे हैं तो आपको वहां पर छींक आ सकती हैं। जुखाम होने के कारण आपको कई बार छींक आ सकती हैं। छींकना हमारे लिए बहुत जरूरी होता है। छींक आने का कोई भरोसा नहीं होता है, वह कभी भी और किसी के भी सामने आ सकती है। दरअसल छींक हमारी जिंदगी

मौत से जुड़ी होती है। क्‍योंकि कहा जाता है कि जब हमें छींक आती है,

तब एक सेकेंड के लिए हमारे दिल की धड़कन रूक जाती है।

तो चलिए अब हम आपको बताते हैं की छींक रोखने के बुरे प्रभाव आप पर क्या पड़ सकते हैं।

ऐसे बुरे प्रभाव के कारण आपकी जान भी जा सकती हैं।

नंबर 1′

अगर आपको छींक आ रही है और आप छींकना नही चाहते है।

आप छींक को दबाने की कोसिस करते हैं तो ऐसे में वायु के दवाब के कारण आपके कान के पर्दे फट सकते हैं जिससे आप बहरे हो सकते हैं।

‘ नंबर 2’

छीक रोकने के दबाव से दिल पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और ऐसा करने से आपको दिल का दौरा भी पड़ सकता है। इसलिए छीक को कभी भी न रोकें।

इसे रोकने से हमारे शरीर पर जो दबाव पड़ता है उससे हमारी जान भी जा सकती है।

छीकना हमारे दिल के लिए काफी लाभदायक भी माना जाता है।

‘नंबर 3’

छीक रोखने से आपके शरीर मे होने वाला वायु का दवाब सीधे आपके दिमाक पर पड़ता हैं।

जिससे आपकी जान भी जा सकती हैं या फिर आपको दिमाकी बीमारी भी हो सकती हैं।

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