बालों के रूखेपन और बेजान बालों से करें बिमारियों की पहचान

जीवनशैली में बदलाव के कारण युवा वर्ग बालों के जल्दी सफेद होने की समस्या से पीडि़त है। हेयर फॉलिकल्स से छोटी-छोटी मात्रा में हाइड्रोजन परऑक्साइड नामक केमिकल का उत्पादन होता है। व्यक्ति के अत्यधिक तनाव लेने पर यह फॉलिकल्स में ही बनने लगता है, जिससे यह अपना प्राकृतिक रंग व चमक खोने लगते हैं। हर
 
बालों के रूखेपन और बेजान बालों से करें बिमारियों की पहचान

जीवनशैली में बदलाव के कारण युवा वर्ग बालों के जल्दी सफेद होने की समस्या से पीडि़त है। हेयर फॉलिकल्स से छोटी-छोटी मात्रा में हाइड्रोजन परऑक्साइड नामक केमिकल का उत्पादन होता है। व्यक्ति के अत्यधिक तनाव लेने पर यह फॉलिकल्स में ही बनने लगता है, जिससे यह अपना प्राकृतिक रंग व चमक खोने लगते हैं। हर हेयर फॉलिकल में मौज़ूद मेलनिन बालों को उनका रंग देता है। उम्र बढऩे या तनाव की स्थिति में इसका उत्पादन कम हो जाता है, जिससे इनमें सफेदी आने लगती है।

नाखूनों की तरह बाल भी व्यक्ति की सेहत का राज़ बताते हैं। कम उम्र में इनके सफेद होने के पीछे कई कारण हैं।

1. विटामिन बी 12 की कमी

शरीर में इसकी कमी के कारण परनीशियस एनीमिया होने की आशंका रहती है, जिससे ये सफेद होने लगते हैं।

2. जि़ंक की कमी

खाने में इसकी कमी होने से बाल असमय सफेद होने लगते हैं।

3. थायरॉयड डिसॉर्डर

बालों के रूखेपन और बेजान बालों से करें बिमारियों की पहचान

हाइपोथायरॉयडिज्म व हाइपरथायरॉयडिज्म के कारण भी इनकी रंगत हल्की होने लगती है।

4. एनीमिया

इसके कारण शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। इस वजह से भी ये सफेद हो सकते हैं।

5. अत्यधिक तनाव

जो लोग जिंदगी के किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हों या काम का बोझ अधिक हो, उनमें भी यह असमय सफेद होने लगते हैं।

6. फंगल संक्रमण

बालों के रूखेपन और बेजान बालों से करें बिमारियों की पहचान

स्कैल्प में इस तरह के संक्रमण से यह समय से पहले सफेद होने लगते हैं।

इससे बचने के लिए ज़रूरी है कि सफाई का खास ख्याल रखा जाए।

7. हॉर्मोनल असंतुलन

इसमें हो रहे बदलाव का असर त्वचा व बालों पर ज़रूर पड़ता है।

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