अंडे का सेवन बचा सकता है ब्रैस्ट कैंसर, जाने कैसे

अंडे आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है| अंडे से आपकी मेमोरी तेज होती है| अंडे में को लाइन नाम का तत्व होता है आपकी मेमोरी अच्छी होती है| बड़े अंडे में 6 ग्राम प्रोटीन होता है| औसत इंसान को हमेशा उसके एक छोटा ई ग्राम प्रोटीन खाना चाहिए| कैल्शियम के कमी के कारण हाड़ी,
 
अंडे का सेवन बचा सकता है ब्रैस्ट कैंसर, जाने कैसे

अंडे आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है| अंडे से आपकी मेमोरी तेज होती है| अंडे में को लाइन नाम का तत्व होता है आपकी मेमोरी अच्छी होती है| बड़े अंडे में 6 ग्राम प्रोटीन होता है| औसत इंसान को हमेशा उसके एक छोटा ई ग्राम प्रोटीन खाना चाहिए| कैल्शियम के कमी के कारण हाड़ी, दांत और नाखून को कमजोर कर सकता है| हम अंडे का सेवन करते हैं तो वह धीरे-धीरे हड्डी दाद और नाखून को मजबूत बनाता है|

महिलाओं में सबसे गंभीर बीमारी बेस्ट कैंसर से बाज सकते हैं अगर रोजाना 6 अंडे खाते हैं| अंडे से प्रोटीन मिलता है| प्रोटीन आपके बालों के विकास के लिए और शरीर के विकास के लिए बहुत ही अच्छा होता है| अंडर को हम हेयर मार्क्स केे शराबी के तरफ भी इस्तेमाल कर सकते है |ओयो अलग-अलग पदार्थ बनाने के लिए भी इस्तेमाल होते हैं| अंडो के भाव से लाभ है|

अंडे खाने का सही तरीका

अंडे को हम 3 तरह से खा सकते हैं|

1. पानी में उबाल के

2. तेल में फ्राई करके

3. कच्चे अंडे का सेवन

1. पानी में उबाल के : अगर हम अंडे को पानी में उबालकर खाते हैं| तो यह अंडर 5 मिनट में उबल जाते हैं| खाने में स्वादिष्ट पचने में आसान बड़ी और घोड़ों के लिए दोनों के लिए अच्छे है |

2. तेल में फ्राई करके: अगर हम अंडे को तेल में शायरी के खाते हैं| तो इसमें कुछ अधिक बेड गैलरी जुड़ जाती है| जिससे हमें शरीर को हानिकारक हो सकता है| हमारे शरीर में अनडाइजेस्टेड की परत बन सकती है जिससे हमारा पेट आंतों में सूजन हाई केलोस्ट्रोल अब ब्लड प्रेशर की बीमारी बढ़ सकती है| लेकिन इन सभी बीमारियों से हम बच सकते हैं अगर हम अच्छी कसरत करें रोजाना चाय दान देना खाए बल्कि उबले हुए अंडे खाए|

3. कच्चे अंडे का सेवन: कच्चे अंडे से हमें खाने से बचना चाहिए| अंडा खाते हैं तो हमें हम फुल बैक्टीरिया का सामना करना पड़ेगा जो हमें दिखाई नहीं देते लेकिन वहां अंडे में होते हैं| जो हमारे पेट में जाकर उधारी बस जाते हैं| और वहां रहा अपना जीवन काल पेट की आंतों में ही बिताते हैं वह अपने खून की नसों में घूमते हैं| और हमारे खाए हुए पदार्थों के ऊपर व जीते हैं| और वहां अपने जीवन काल के अंत में अंडे भी दे सकते हैं| और इन्हें दवाइयों का इतना कुछ असर नहीं होता क्योंकि वह मर जाते हैं लेकिन उनके अंडे अभी भी हमारे पेट में ही होते हैं| जिस वजह से वह पूरा जीवन ले सकते हैं| और हमारे शरीर के द्वारा वह अपना जीवन संपन्न करते हैं|

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