एसिडिटी गैस मधुमेह समेत इन बीमारियों की करता है छुट्टी, जानिए क्यों खास है

भारतीय व्यंजनों को अधिक स्वादिष्ट बनाने में मसाले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगभग हर घर में मिलने वाले ये मसाले स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हैं। जीरा भी ऐसा ही मसाला है। अगर हम यह कहे कि जीरा स्वास्थ्य के लिए हीरे से कम नहीं है, तो कुछ गलत नहीं होगाजीरा एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सिडेंट
 
एसिडिटी गैस मधुमेह समेत इन बीमारियों की करता है छुट्टी, जानिए क्यों खास है

भारतीय व्यंजनों को अधिक स्वादिष्ट बनाने में मसाले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगभग हर घर में मिलने वाले ये मसाले स्वास्थ्य के लिहाज से भी फायदेमंद हैं। जीरा भी ऐसा ही मसाला है।

अगर हम यह कहे कि जीरा स्वास्थ्य के लिए हीरे से कम नहीं है,

तो कुछ गलत नहीं होगाजीरा एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सिडेंट है

साथ ही यह सूजन को करने और मांसपेशियों को आराम पहुचांने में कारगर है।

इसमें फाइबर भी पाया जाता है

और यह आयरन, कॉपर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीज, जिंक व मैगनीशियम जैसे मिनरल्स का अच्छा सोर्स भी है।

इसमें विटामिन ई, ए, सी और बी-कॉम्प्लैक्स जैसे विटामिन भी खासी मात्रा में पाए जाते हैं।

जीरा को भूनकर पीस लें और सेंधा नमक के साथ सेवन करने से राहत मिलती है।

इसके साथ ही दांत दर्द में आराम मिलता है और मुंह से आने वाली दुर्गंध भी दूर होती है

औषधीय गुणों से भरपूर जीरा की तासीर गर्म होती है।

नियमित रूप से जीरा का सेवन करने से इसकी गर्म तासीर वात

कफ दोषों को नियंत्रित करने में सहायक होती है। यही कारण है

कि पाचन संबंधी और सामान्‍य सर्दी जुखाम का उपचार के लिए सदियों से गर्म तासीर वाले जीरा का उपयोग किया जा रहा है।

कदम्ब के छाल के रस को अगर जीरे और मिश्री के साथ पिलाया जाए तो उल्टी के साथ-साथ बुखार और दस्त हो तो वह भी ठीक हो जाता है।

जीरा और चीनी को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें,

1-1 चम्मच तीन बार फंकी के रूप में रोजाना लेने से सूजन दूर हो जाती है।

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