बुलियन मार्केट में ‘ब्लैक फ्राइडे’ – चांदी की चमक पड़ी फीकी
Gold Silver Price Fall : शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 का कारोबारी सत्र कीमती धातुओं के निवेशकों के लिए मिले-जुले संकेत लेकर आया। जहाँ पीली धातु यानी सोना (Gold) ने अपनी गिरावट को थामते हुए स्थिरता दिखाई, वहीं चांदी (Silver) के बाजार में लगातार दूसरे दिन ‘कोहराम’ मचा रहा।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में एकतरफा बिकवाली देखी गई। एक समय तो चांदी ₹14,000 से ज्यादा टूटकर ₹2.29 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई थी। इसके पीछे मुख्य वजह मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव में आई कमी को माना जा रहा है। इस लेख में हम बाजार की इस उथल-पुथल, एक्सपर्ट्स की राय और भविष्य के प्राइस टारगेट्स का विस्तृत विश्लेषण करेंगे।
Table of Contents
1. बाजार का हाल: MCX और ग्लोबल मार्केट के आंकड़े
शुक्रवार को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिला। आइए आंकड़ों पर नजर डालते हैं:
MCX (घरेलू बाजार):
- सोना (Gold): अप्रैल डिलीवरी वाला सोना अपनी पिछली गिरावट से उबरते हुए ₹976 (0.64%) की बढ़त के साथ ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया। सोने ने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी दिखाई।
- चांदी (Silver): मार्च डिलीवरी वाली चांदी का फ्यूचर ₹8,198 प्रति किलोग्राम गिरकर ₹2.39 लाख पर आ गया।
- इंट्राडे लो (Intraday Low): दिन के कारोबार के दौरान चांदी में पैनिक सेलिंग देखी गई और यह ₹14,628 (6%) तक टूटकर ₹2.29 लाख प्रति किलोग्राम के निचले स्तर को छू गई।
COMEX (अंतरराष्ट्रीय बाजार):
- चांदी: मार्च डिलीवरी का सिल्वर फ्यूचर $4.78 (6.23%) गिरकर $71.93 प्रति औंस पर आ गया।
- सोना: वैश्विक स्तर पर सोना मामूली गिरावट के साथ $18.34 (0.38%) गिरकर $4,871.16 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
2. गिरावट की मुख्य वजहें: क्यों टूटी चांदी?
बाजार के दिग्गजों और एनालिस्ट्स ने इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए हैं:
A. डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली
चॉइस वेल्थ (Choice Wealth) के रिसर्च हेड अक्षत गर्ग का कहना है कि चांदी पिछले साल बहुत कम समय में बहुत तेजी से बढ़ी थी। अब निवेशक ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है, क्योंकि डॉलर मजबूत होने से दूसरी मुद्राओं में धातु खरीदना महंगा हो जाता है।
B. भू-राजनीतिक तनाव में कमी
बाजार में खबर है कि ओमान में ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत सकारात्मक रही है। इस वजह से ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने-चांदी की मांग में कमी आई है। जब युद्ध या तनाव का खतरा कम होता है, तो निवेशक रिस्की एसेट्स की तरफ लौटने लगते हैं।
C. डीलीवरेजिंग (De-leveraging)
ऑगमोंट (Augmont) की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने बताया कि रिकवरी टिक नहीं पाने की वजह से बड़े पैमाने पर ‘डीलीवरेजिंग’ हुई है। चांदी का बाजार सोने के मुकाबले छोटा (Thin Market) होता है, इसलिए यहाँ पैसा निकलने पर गिरावट बहुत तेज और गहरी होती है।
3. एक्सपर्ट्स की राय: भविष्य का क्या है अनुमान?
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गिरावट और बढ़ेगी या यह खरीदारी का मौका है?
रेनिशा चैनानी (Augmont) का अनुमान:
- शॉर्ट टर्म रेंज: चांदी के $70–$90 प्रति औंस (₹2.25 लाख – ₹2.85 लाख प्रति किलो) के बीच ट्रेड करने की उम्मीद है।
- खतरे की घंटी: यदि चांदी $70 प्रति औंस के स्तर को तोड़ती है, तो यह $64 प्रति औंस (लगभग ₹2 लाख प्रति किलोग्राम) तक गिर सकती है।
- सोना: सोने के लिए लंबी अवधि के फंडामेंटल्स (जैसे सेंट्रल बैंक की खरीदारी और करेंसी प्रेशर) अभी भी मजबूत बने हुए हैं।
अक्षत गर्ग (Choice Wealth) की सलाह:
उनका मानना है कि शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) कीमती धातुओं की लंबी अवधि की प्रासंगिकता को नहीं बदलती। निवेशकों को अनुशासित रहना चाहिए।
4. निवेशकों के लिए रणनीति: क्या करें, क्या न करें?
बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने निम्नलिखित रणनीति सुझाई है:
खरीदें (Buy Strategy):
- धीरे-धीरे खरीदारी (SIP): एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय हर बड़ी गिरावट (Dip) पर थोड़ी-थोड़ी चांदी खरीदें।
- पोर्टफोलियो एलोकेशन: चांदी को अपने मुख्य निवेश (Core Holding) के बजाय एक सपोर्टिंग एसेट के रूप में रखें। सोने का अनुपात ज्यादा रखें।
बेचें (Sell Strategy):
- पैनिक सेलिंग से बचें: यदि आपने ऊंचे दामों पर खरीदारी की है, तो घबराकर न बेचें। लंबी अवधि में कीमती धातुओं का ट्रेंड ऊपर ही रहने की उम्मीद है।
- रिएक्टिव ट्रेडिंग न करें: हर छोटी खबर पर प्रतिक्रिया देने से बचें।
5. चांदी की अस्थिरता: सोने से अलग क्यों?
अक्सर निवेशक सोचते हैं कि सोना और चांदी साथ-साथ चलते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।
- बाजार का आकार: चांदी का बाजार सोने से बहुत छोटा है। इसलिए, जब ETFs या बड़े फंड्स पैसा निकालते हैं, तो चांदी में सोने की तुलना में कई गुना ज्यादा गिरावट आती है।
- औद्योगिक मांग: चांदी एक औद्योगिक धातु भी है। आर्थिक मंदी या मैन्युफैक्चरिंग डेटा कमजोर होने पर भी चांदी पर असर पड़ता है, जबकि सोना शुद्ध रूप से निवेश और ज्वैलरी पर निर्भर है।
6. निष्कर्ष: धैर्य ही सफलता की कुंजी
Gold-Silver Price Fall का यह दौर उन निवेशकों के लिए एक परीक्षा की तरह है जो बाजार में त्वरित मुनाफे की उम्मीद कर रहे थे। ₹14,000 की इंट्राडे गिरावट डराने वाली हो सकती है, लेकिन इतिहास गवाह है कि ऐसी गिरावट के बाद ही बाजार में नई खरीदारी के मौके बनते हैं। फिलहाल ₹2.25 लाख का स्तर चांदी के लिए एक मजबूत सपोर्ट जोन हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. चांदी की कीमतों में शुक्रवार को कितनी गिरावट आई?
उत्तर: शुक्रवार को इंट्राडे में चांदी लगभग ₹14,628 (6%) टूटकर ₹2.29 लाख प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गई थी।
Q2. क्या चांदी ₹2 लाख तक गिर सकती है?
उत्तर: एक्सपर्ट रेनिशा चैनानी के अनुसार, यदि चांदी $70 प्रति औंस का स्तर तोड़ती है, तो यह ₹2 लाख प्रति किलोग्राम तक गिर सकती है।
Q3. सोने की कीमतों में स्थिरता का क्या कारण है?
उत्तर: सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी ने इसे निचले स्तरों पर सहारा दिया है।
Q4. गिरावट का मुख्य अंतरराष्ट्रीय कारण क्या है?
उत्तर: मजबूत अमेरिकी डॉलर और ओमान में अमेरिका-ईरान अधिकारियों के बीच बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होना मुख्य कारण है।
Q5. छोटे निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
उत्तर: छोटे निवेशकों को बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए या बहुत छोटे टुकड़ों में खरीदारी (Average out) करनी चाहिए।
लेखक का परिचय
घनश्याम नामदेव कमोडिटी और वित्तीय बाजार के विशेषज्ञ के रूप में 15 वर्षों का अनुभव रखने वाले घनश्याम नामदेव ने हजारों निवेशकों को सही निवेश की दिशा दिखाई है। उनके विश्लेषण तथ्यात्मक और रिसर्च पर आधारित होते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): www.sabkuchgyan.com पर दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक है और इसे निवेश सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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