इन चीज़ों का दान देने से होता है भारी नुक्सान

पौराणिक समय से ही हम दान पुण्य का काम करते आयें है लेकिन ग्रंथों में और पुरानों में कुछ चीज़ों का दान करना बताया गया है वर्जित जिनको करने से आपको दुष्परिणाम भी मिल सकते है, यदि आप भी चाहते है की आपके घर में बरकत होती रहे हो धन धान्य से भरा रहे तो
 
इन चीज़ों का दान देने से होता है भारी नुक्सान

पौराणिक समय से ही हम दान पुण्य का काम करते आयें है लेकिन ग्रंथों में और पुरानों में कुछ चीज़ों का दान करना बताया गया है वर्जित जिनको करने से आपको दुष्परिणाम भी मिल सकते है, यदि आप भी चाहते है की आपके घर में बरकत होती रहे हो धन धान्य से भरा रहे तो आप भी न करें भूल कर भी इन चीज़ों का दान. तो आइये जानते है वो कौन सी चीज़ें है जिन्हें हमें दान नहीं करना चाहिए.

प्याज और लहसुन

इन दोनों चीज़ों का सम्बंध केतु ग्रह से जोड़ा गया है केतु उपरी हवा और जादू टोने के अधीन होता है इसलिए शाश्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के समय प्याज और लहसुन देने से बचना चाहिए इससे आपके और आपके परिवार के सदस्य बुरी नजर से बचे रहेंगे और धन की भी कभी कमी नहीं होगी.

धन की देवी लक्ष्मी होती है जब आदमी दिन भर काम करता है और श्याम को जब कमाकर लोटता है तो अपने साथ दिन भर की महनत का पैसा लाता है. यदि संध्या के समय दिन भर काम की हुई कमी अगर किसी को दे दी जाये तो इससे लक्ष्मी जी रुष्ट हो जाती है, ऐसा इसलिए माना जाता है की श्याम के समय लक्ष्मी जी का घर में आगमन होता है यदि उसी समय आप अपनी महनत से कमाए हुए पैसे अगर किसी को देते है तो उससे धन आगमन रुक जाता है.

ना करें हल्दी का दान

लाल किबाब के अनुसार जिस किसी भी व्यक्ति का गुरु बलवान और शुभ है उन्हें गुरूवार के दिन हल्दी का दान नहीं करना चाहिए विशेष तौर पर श्याम के समय, इससे गुरु कमजोर हो जाता है और धन और वैभव में कमी आती है.

दूध का ना करें दान

ज्योतिष शाश्त्र में दूध को चन्द्रमा और सूर्य दोनों से सम्बंधित बताया गया है प्राचीन काल से ही दूध को पंचामृत में सम्मिलित किया जाता है यदि घर से अमृत चला जाये तो घर में बिमारी का आगमन होता है और घर में अशांति का माहोल बना रहता है. इसलिए जहाँ तक संभव हो दूध का संध्या के समय ना करें दान.

दही देने से होती है सुख समृधि में कमी

शास्त्रों के अनुसार दही का सम्बंध शुक्र से माना गया है जो सुख और समृधि का करक माना जाता है और दही की प्रकृति खट्टी होने के कारण संध्यां के समय दान करने से परिवार के रिश्तों में खटास आती है इसलिए इसका दान वर्जित बताया गया है.

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