चाणक्य नीति: यें 2 चीजें शत्रु से भी बढ़ कर है, पढ़ना बिल्कुल न भूलें

सुन कर काफी अजीब लग रहा होगा कि क्या कोई चीज शत्रु से भी बढ़ कर हो सकता है। लेकिन आपको बता दूं कि इस दुनिया मे ऐसे ऐसे चीज हैं या बातें हैं जिनके बारे में सोच कर आपका दिमाग काफी हिल सकता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं ये 2 चीजें एक शत्रु से
 
चाणक्य नीति: यें 2 चीजें शत्रु से भी बढ़ कर है, पढ़ना बिल्कुल न भूलें

सुन कर काफी अजीब लग रहा होगा कि क्या कोई चीज शत्रु से भी बढ़ कर हो सकता है। लेकिन आपको बता दूं कि इस दुनिया मे ऐसे ऐसे चीज हैं या बातें हैं जिनके बारे में सोच कर आपका दिमाग काफी हिल सकता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं ये 2 चीजें एक शत्रु से भी बढ़ कर होता है। यदि आप भी जानना चाहते हैं कि वे 2 चीजें क्या हैं जो शत्रु से भी बढ़ के है तो फिर इस पोस्ट को एक बार ध्यान से जरूर पढ़ें।

  1. बात करें अगर सबसे पहले चीज की तो वो है चिंता। जी हां चिंता एक ऐसी चीज है जो शत्रु से भी बढ़ कर है और इससे कहीं ज्यादा खतरनाक भी होता है। शत्रु सिर्फ एक बार ही इंसान की जान ले सकता है जबकि चिंता बार बार इंसान की जान लेता रहता है। इसीलिए चिंता को शत्रु से भी बड़ा माना जाता है। एक बार जो इंसान चिंता कर लिया उसकी जिंदगी बर्बाद होना तय है। इसलिए हो सके तो चिंता से खुद को जरूर बचाएं।

  2. आचार्य चाणक्य कहते हैं इंसान का दूसरा शत्रु से भी बड़ा चीज रोग है। रोग इंसान को हर पल मारता रहता है और उसे कभी चैन से जीने नही देता। शत्रु से तो एक बार इंसान बच भी जाये लेकिन रोग एक बार पकड़ ले तो फिर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है। इसलिए स्वास्थ्य पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है।

ये थे वे 2 चीजें जो शत्रु से भी बढ़ कर है और इन दोनों से खुद को बचाना बहुत ही जरूरी है। मुझे उम्मीद है आप समझ गए होंगे। इसी तरह और भी मोटिवेशनल पोस्ट के लिए आज ही हमे फॉलो करें। पोस्ट अच्छा लगा हो तो लाइक और शेयर करना बिल्कुल न भूलें।

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