संजीवनी बूटी से कम नहीं है यह पेड़, यदि कहीं मिले तो छोड़ना मत

प्रकृति ने हमें कई ऐसी वनस्पतियां भेंट की है जिसके बारे में यदि हमें संपूर्ण जानकारी पता हो तो हम अपने जीवन को आसान और शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने वाले हैं जो औषधीय गुणों का भंडार होता है। हम जिस पेड़ के बारे
 
संजीवनी बूटी से कम नहीं है यह पेड़, यदि कहीं मिले तो छोड़ना मत

प्रकृति ने हमें कई ऐसी वनस्पतियां भेंट की है जिसके बारे में यदि हमें संपूर्ण जानकारी पता हो तो हम अपने जीवन को आसान और शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने वाले हैं जो औषधीय गुणों का भंडार होता है। हम जिस पेड़ के बारे में बात कर रहे हैं उसे पलाश कहते हैं। कुछ जगह इसे ढाक भी कहा जाता है। आयुर्वेद में इस पेड़ के कई औषधीय गुणों के बारे में बताया गया है। चलिए जानते हैं इसके फायदों के बारे में।

पलाश के बीज का इस्तेमाल अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए किया जाता है। इसके लिए स्त्रियां पलाश के कुछ बीजों को पीसकर अपने पेट पर लगाकर छोड़ दें इससे आपको अनचाहे गर्भ की समस्या से निजात मिल जाएगा।
यदि आपके सिर में दर्द होता है या फिर तेज बुखार है तो पलाश के पत्तों को पीसकर लेप बना लें और इसे माथे पर लगाकर छोड़ दें इससे आपको थोड़ी देर में सिर का दर्द और बुखार दोनों उतर जाएगा।

पलाश के पत्ते गर्भ में पल रहे संतान के लिए काफी लाभदायक होता है। इसके लिए महिलाएं पलाश के सूखे पत्तों को पीसकर चूर्ण बना लें और इसे रोज सुबह दूध के साथ पियें।

यदि आपके अंडकोष में तेजी से वृद्धि हो रही है तो आप पलाश के छाल का चूर्ण बना लें, और रोजाना 6 ग्राम गर्म पानी के साथ इसे पिएं आपको इस समस्या से निजात मिल जाएगा।

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