मधूमेह की रोकथाम में बहुत ही अच्‍छा साबित होता है ,लहसुन के तेल के उपयोग

लहसुन के तेल का उपयोग किल-मुंहासे, दांत दर्द, कान दर्द, हृदय रोग और हाई कोलेस्ट्रोल जैसी समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता है।डायबिटीज सबसे सामान्य रोग है डॉक्टरों के अनुसार लहसुन के तेल का उपयोग मधूमेह की रोकथाम में बहुत ही अच्छा साबित होगा है। लहसून के तेल में पाए जाने वाले औषधीय
 
मधूमेह की रोकथाम में बहुत ही अच्‍छा साबित होता है ,लहसुन के तेल के उपयोग

लहसुन के तेल का उपयोग किल-मुंहासे, दांत दर्द, कान दर्द, हृदय रोग और हाई कोलेस्‍ट्रोल जैसी समस्‍याओं को कम करने के लिए किया जाता है।डायबिटीज सबसे सामान्‍य रोग है डॉक्‍टरों के अनुसार लहसुन के तेल का उपयोग मधूमेह की रोकथाम में बहुत ही अच्‍छा साबित होगा है। लहसून के तेल में पाए जाने वाले औषधीय गुण डायबिटीज के रोगियों में रक्‍त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होते है। नियमित रूप से लहसून के तेल का उपयोग करने से हमारे शरीर की हि‍ड्डया मजबूत होती है।

अगर आप लहसून के तेल से हड्डियों की मालिश करते है तो इससे अर्थराइटिस रोग से राहत पाने में ममद मिलती है। प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए भी लहसुन के तेल का उपयोग फायदेमंद होता है। लहसुन के तेल के उपयोग से बुखार और संक्रमण जैसी स्‍वास्‍थ समस्‍याओं को दूर करने में मदद मिलती है। लहसुन में वि‍टामिन बी, सी, एंटीआक्‍सीडेंट भरपूर मात्रा में होता है जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर होने से बचाते है।

अगर आपको कान में दर्द और संक्रमण की समस्‍या हो गई है तो लहसुन के तेल का उपयोग करना आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप लहसुन के तेल की कुछ बुन्‍दे नारियल के तेल में मिलाकर कान में डाले यह संक्रमण को दूर करने के साथ ही कान से संबंधीत रोगो को दूर करने में मदद करता है। लहसून के तेल का उपयोग करके आप रक्‍त में हानिकारक कोलेस्‍ट्रोल को कम कर सकते है। अगर आपके शरीर में हानिकारक कोलेस्‍ट्रोल की मात्रा बढ़ गई है तो लहसुन के तेल के साथ मछली के तेल के कैप्सूल का सेवन करे इससे आपको बहुत फायदा होगा।

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