गुड़हल के फूल और पत्ती के वो लाभ जो आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे

मित्रो आयुर्वेद भारत की सबसे पुरानी उपचार पद्धति है। गणेश जी और माँ काली की पूजा के लिए गुड़हल के फूल सर्वश्रेष्ठ होते है।मित्रो अगर हम अपने आस पास के पेड़ पौधो का ठीक से अध्ययन कर ले तो शायद हमें किसी डॉक्टर के पास जाने की कभी जरुरत ही न पड़े। आज हम आपको
 
गुड़हल के फूल और पत्ती के वो लाभ जो आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे

मित्रो आयुर्वेद भारत की सबसे पुरानी उपचार पद्धति है। गणेश जी और माँ काली की पूजा के लिए गुड़हल के फूल सर्वश्रेष्ठ होते है।मित्रो अगर हम अपने आस पास के पेड़ पौधो का ठीक से अध्ययन कर ले तो शायद हमें किसी डॉक्टर के पास जाने की कभी जरुरत ही न पड़े। आज हम आपको गुड़हल के फूल और पत्ती के लाभ बता रहे है ।

  • गुड़हल के फूल की चाय पीने से सर्दी , झुकाम और बुखार ठीक हो जाता है।
  • गुड़हल का फूल काफी पौष्टिक होता है क्योंकि इसमें विटामिन सी, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह पौष्टिक तत्व सांस संबन्धी तकलीफों को दूर करते हैं।
  • गुड़हल के फूलों का असर बालों को स्वस्थ्य बनाने के लिये भी होता है। इसे पानी में उबाला जाता है और फिर लगाया जाता है जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है।
  • गुड़हल के फूल शरीर की त्वचा संभंधित समस्या जैसे सूजन , खुजली , जलन को समाप्त कर देता है।
  • गुड़हल से निकले तेल का इस्तेमाल खुले घाव और कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार में काम आता है।
  • गुड़हल वजन काम करने और पाचन तंत्र को ठीक करने में भी सहायक है।
  • गुर्दे की समस्याओं से पीडित व्यक्ति अक्सर इसे बर्फ के साथ पर बिना चीनी मिलाए पीते हैं, क्योंकि इसमें प्राकृतिक मूत्रवर्धक गुण होते हैं।
  • गुडहल के पत्ते तथा फूलों को सुखाकर पीस लें। इस पाउडर की एक चम्मच मात्रा को एक चम्मच मिश्री के साथ पानी से लेते रहने से स्मरण शक्ति तथा स्नायुविक शक्ति बढाती है।
  • यदि चेहरे पर बहुत मुंहसे हो गए हैं तो लाल गुडहल की पत्‍तियों को पानी में उबाल कर पीस लें और उसमें शहद मिला कर त्‍वचा पर लगाएं।

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