बबूल का गोंद औषधीय गुण, और इसके चमत्कारी कमाल फायदे

हर रोज बबुल की भूनी हुई गोंद का सेवन करणे से दिल की बिमारी का खतरा कम होता है. दिल की बिमारी अन्य रोगो के लिये इसका बहुत फायदा होता है. साथ ही कमजोरी दूर होती है. थकान, चक्कर, दूर होने में मदत मिलती है. बबुल के गोंद को घी में तलकर उस में थोडी
 
बबूल का गोंद औषधीय गुण, और इसके चमत्कारी कमाल फायदे

हर रोज बबुल की भूनी हुई गोंद का सेवन करणे से दिल की बिमारी का खतरा कम होता है. दिल की बिमारी अन्य रोगो के लिये इसका बहुत फायदा होता है. साथ ही कमजोरी दूर होती है. थकान, चक्कर, दूर होने में मदत मिलती है.

बबुल के गोंद को घी में तलकर उस में थोडी मिश्री मिलाकर रोज शाम 25 ग्राम की मात्रा में सेवन करणे से शक्तिवर्द्धक शक्ती प्राप्त होती है. दुसरा प्रयोग बबुल के गोंद को घी में तलकर उसका पाक बनाकर खाने से पुरुष की ताकत बढती है.

मधुमेह से पिडीत व्यक्ती बबुल के गोंद का चूर्ण गाय के दुध के साथ 21 दिन रोजाना दो वक्त एक एक कप सेवन करणे से मधुमेह में उसका लाभ मिलता है. बबुल का गोंद मुह में रखकर चुसने से लाभ मिलता है.

बवासीर से परेशान पिडीत व्यक्ती बबुल का गोंद, कहरवा और गेरू इन तीनो को 7-7 ग्राम लेकर उसका चूर्ण बनाये बाद में गाय के दुध की छाछ बनाकर उस में एक ग्राम मिलाकर एक महिना पिणे से बवासीर में उसका लाभ होता है.

150 ग्राम बबुल का गोंद अच्छी तरह से भूनकर उसका चूर्ण बनाये उस में 15 ग्राम मिश्री का चूर्ण मिलाये इन दोनो का मिश्रण सुबह शाम एक एक चमच सेवन करणे से मासिक-धर्म के विकार कुच्छ ही दीनो में कम होकर उसका अच्छा फायदा मिलता है.

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