नीम के औषधीय गुण और उपयोग, जानना जरुरी

नीम का नाम लेते ही हमारे मन में एक कड़वाहट सी उत्पन्न होती है वह इसलिए होती है क्योंकि नीम की पत्तियां आसानी से खाई नहीं जा सकती नीम की पत्तियों का प्रयोग हमारे ऋषि मुनि हजारों सालों से करते आ रहे हैं और आज भी नीम का उपयोग औषधियों में होता आ रहा है
 
नीम के औषधीय गुण और उपयोग, जानना जरुरी

नीम का नाम लेते ही हमारे मन में एक कड़वाहट सी उत्पन्न होती है वह इसलिए होती है क्योंकि नीम की पत्तियां

आसानी से खाई नहीं जा सकती

नीम की पत्तियों का प्रयोग हमारे ऋषि मुनि हजारों सालों से करते आ रहे हैं और आज भी नीम का उपयोग

औषधियों में होता आ रहा है और ये जब तक होगा जब तक धरती है क्योंकि नीम एक ऐसी औषधि है जो कि कभी

नष्ट नहीं होती और अपने तत्व को कभी भी नहीं खोती है

नीम कड़वा होता है लेकिन जितना कड़वा होता है उतना ही हमारे लिए फायदेमंद होता है इसलिए नियम का

उपयोग करते रहना चाहिए पत्तियों के रूप में उस की डालियों के रूप में उसके जड़ के रूप में या उसके छाल के रूप

में पूरा नीम ही औषधियों से भरा पड़ा हुआ है आईये नीम के गुण और अवगुण के बारे में जाने

नीम के गुण-

दांतों की मजबूती के लिए हमें नीम की दातुन का उपयोग करना चाहिए जिससे हमारे मसूड़ों में होने वाली बीमारी

जैसे पायरिया मसूड़ों से खून निकलना इत्यादि रोगों में लाभदायक है

नीम की पत्ती खाने से रक्त प्रभाव बढ़ता है नीम रक्त की धमनियों में कचरा इकट्ठा नहीं होने देता है और उसे

साफ कर देता है जिससे रक्त का प्रवाह शरीर में सही रहता है तथा खून भी साफ रहता है पेट से जुड़ी समस्याओं

को दूर करता है चेहरे पर होने वाले कील मुहांसों के लिए यह एक रामबाण औषधि है

हमारे चेहरे पर होने वाली जैसे ड्राई स्किन होना ब्लैकहैड होना इत्यादि रोग से जुड़ी या शरीर में कहीं भी कोई भी

एलर्जी चरम रोग आदि में सहायक होती है

नीम का उपयोग-

चेहरे पर होने वाले कील मुहांसों के लिए हमें सुबह उठकर खाली पेट में 2 से 4 पत्तियों का सेवन करना चाहिए और

1 घंटे तक कुछ खाना पीना नहीं चाहिए सुबह खाली पेट वही व्यक्ति खाएं जिनको शरीर में गर्मी अधिक ना हो

क्योंकि नीम की पत्तियां ज्यादा खाने से हमारा मल जमने लगता है जो की कब्ज का कारण होता है

रात को सोते समय हमें नीम की छाल घिस कर अपने चेहरे पर लगा कर सोना है और सुबह ताजे पानी से धो लेना

है अगर नीम की पत्तियां नहीं खा सकते तो नीम का काढ़ा सबसे उपयोग रहेगा

थोड़ा पानी लें और उसमें मुट्ठी भर नीम की पत्तियां डालें और उस पानी को उबालें तब तक पानी हरा ना हो जाए

और छानकर एक गिलास खाली पेट पीले जिससे हमारे पेट में जितने भी मुंहासे उत्पन्न करने वाली हिट उसको

बाहर निकालती है

चेहरे पर होने वाले कील मुंहासे डार्क सर्कल झाइयां इत्यादि रोग उत्पन्न होते हैं नीम इन सब को सही करता है

कोलेस्ट्रोल कम करने के लिए भी नियम का उपयोग करते हैं दांतों के मसूड़ों के लिए भी नीम का उपयोग करना

चाहिए

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