धरती का ग्रीन ब्लड है जवारे का रस, इसके सेवन से बड़ी से बड़ी बीमारी दूर हो जाती है

गेहूं के बीजों को जब जमीन में बोया जाता है तो वह अंकुरित होकर धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। इसी गेहूं का जवारा कहा जाता है। इस जवारे को काटकर इसका रस निकाला जाता है। गेहूं के जवारे को ग्रीन ब्लड के नाम से भी जाना जाता है। जवारे का रस कैंसर जैसे रोग में भी
 
धरती का ग्रीन ब्लड है जवारे का रस, इसके सेवन से बड़ी से बड़ी बीमारी दूर हो जाती है

गेहूं के बीजों को जब जमीन में बोया जाता है तो वह अंकुरित होकर धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं। इसी गेहूं का जवारा कहा जाता है। इस जवारे को काटकर इसका रस निकाला जाता है। गेहूं के जवारे को ग्रीन ब्लड के नाम से भी जाना जाता है। जवारे का रस कैंसर जैसे रोग में भी बहुत लाभदायक होता है। जवारे के रस में विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जवारे के रस के फायदे अनेक हैं।

मोटापा – इसके सेवन से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे मोटापे में कमी आती है।

पेट के रोग – जवारे के रस में अल्काइन होता है। जो पेट के रोग में बहुत फायदेमंद है।

ब्लड प्रेशर – जवारे के रस का लगातार प्रयोग करने से रेड ब्लड सेल्स तेजी से बढ़ते हैं। तथा यह खून को साफ करने का काम करता है। ब्लड आर्टरीज के ब्लॉकों को क्लीन करके ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखता है।

दांतों की तकलीफ – जवारे के रस को मुंह में रखने से पायरिया, दांतों का दर्द और सांस की बदबू दूर हो जाती है।

डैंड्रफ दूर करें – जवारे के रस में मिनरल्स और क्लोरोफिल होता है। जो बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। जवारे के रस को बालों की जड़ों में लगाने से डैंड्रफ दूर हो जाता है।

कब्ज – जवारे के रस का लगातार सेवन से पुरानी से पुरानी कब्ज दूर हो जाती है।

स्क्रीन की बीमारी – जवारे के रस को चेहरे पर लगाने पर एक्जिमा, खुजली और जलन में आराम मिलता है।

एनीमिया – जवारे के रस में क्लोरोफिल पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। जो खून बढ़ाने में सहायक है। इसके सेवन से एनीमिया दूर हो जाता है।

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