अलसी का रोजाना इस्तेमाल आपको बना सकता है हेल्दी, अनेकों बीमारियों का रामबाण इलाज

आयुर्वेद : यह पोषक तत्वों से भरपूर होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अलसी को ‘ सुपर फूड ‘ घोषित किया है। आयुर्वेद में अलसी को दैविक भोजन माना गया है। अलसी के तेल में अल्फा लिनोलेनिक ससिड ( ए.एल.ए.) नाम का ओमेगा 3 वसा अम्ल, लिनोलिक एसिड, लिगनेन, प्रोटीन व फाइबर होते हैं। यह
 
अलसी का रोजाना इस्तेमाल आपको बना सकता है हेल्दी, अनेकों बीमारियों का रामबाण इलाज

आयुर्वेद : यह पोषक तत्वों से भरपूर होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अलसी को ‘ सुपर फूड ‘ घोषित किया है। आयुर्वेद में अलसी को दैविक भोजन माना गया है। अलसी के तेल में अल्फा लिनोलेनिक ससिड ( ए.एल.ए.) नाम का ओमेगा 3 वसा अम्ल, लिनोलिक एसिड, लिगनेन, प्रोटीन व फाइबर होते हैं। यह भ्रूण के विकास में मददगार है। त्वचा, नाखून और बालों को स्वस्थ रखता है। आंखे, मस्तिष्क व नर्वस सिस्टम की कार्य प्राणाली में’मदद करता है। डिप्रेरशन दूर करता है। लाल रक्त कणों की कार्यपणाली में मदद करता है। रक्तचाप और ब्लड शुगर को भी नियंत्रण में रखता है। यह एक बेहतरीन एंटी ऑक्सीडेंट है।

अलसी को कड़ाही में भून कर एक डिब्बे में बंद करके रख लें। इसे सलाद और रायते में मिला कर खाएं। इसे जूस में मिला कर भी पी सकते है। मेनोपॉज के बाद इस्ट्रोजन का बनना कम हो जाने से महिलाओं में हॉट फ्लैशेज, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी कई परेशानियां होती है। जीवन के इस पड़ाव में लिगनेन बहुत राहत देता है। अलसी खाने से मां के शरीर को पर्याप्त ओमोगा-3 मिलता है, जो शिशु की आंखो व मास्तिष्क के समुचित विकास के लिए जरूरी है। अलसी खाने से ब्रेस्ट फीङ करानेवाली मांओं में दूध अधिक बनता है। कई महिलाएं बेबी”बर्थ के बाद मोटापे की शिकार हो जाती है, पर इसमें मिलनेवाला लिगनेन ऐसा नहीं होने देता।

अलसी का रोजाना इस्तेमाल आपको बना सकता है हेल्दी, अनेकों बीमारियों का रामबाण इलाज

अलसी के बीजों को गरम पानी में उबाल कर इसके साथ एक तिहाई भाग मुलैठी का चूर्ण मिला कर काढ़ा बना कर पीने’से युरिन संबधित बीमारियों में फायदा होता है। अलसी के बीज खाने से यह ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर कंट्रोल में रखने में मदद करता है। जोड़ो के दर्द में इसे खाने से भी आराम मिलता है। फाइबर से’भरपूर होते हैं, इसलिए यह वजन घटाने में भी कारगर है। यह एक बेहतरीन ब्यूटी प्रोडक्ट है। यह त्वचा में”अंदर से निखार लाता है। त्वचा की बीमारियों जैसे मंहासे, एग्जीमा, दाद, खाज, स्खी त्वचा, खुजली, बालों का सूखा व पतला होना, बाल झड़ना आदि में असरकारक है।

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