नहाते समय चुपके से बोल दे यें मंत्र फिर होगा चमत्कार

नहाते समय हो सकता है कि यह बात आपको सुनने में अजीब लगे लेकिन गृह नक्षत्र राशि और ज्योतिष का जीवन में बहुत प्रभाव पड़ता है अगर आप सुख समृद्धि की कामना करते हैं लेकिन फिर भी क्लेश बना रहता है खूब मेहनत करते हैं पैसा भी खूब कमाते हैं लेकिन धन रुकता ही नहीं
 
नहाते समय चुपके से बोल दे यें मंत्र फिर होगा चमत्कार

नहाते समय हो सकता है कि यह बात आपको सुनने में अजीब लगे लेकिन गृह नक्षत्र राशि और ज्योतिष का जीवन में बहुत प्रभाव पड़ता है अगर आप सुख समृद्धि की कामना करते हैं लेकिन फिर भी क्लेश बना रहता है खूब मेहनत करते हैं पैसा भी खूब कमाते हैं लेकिन धन रुकता ही नहीं तो इन सब के पीछे ज्योतिषीय दोष हो सकते हैं या किसी की बुरी नजर के कारण भी ऐसा हो सकता है ऐसे में हमें इस दोषों का निवारण करना चाहिए।

नहाते समय चुपके से बोल दे यें मंत्र फिर होगा चमत्कार

तंत्र शास्त्र के अनुसार तांत्रिक उपाय बहुत जल्दी असर दिखाने वाले होते हैं

आपको दिन की शुरुआत के समय ही नहाते वक्त करना है इससे आप दिन भर

नकारात्मक शक्तियों से बचे रहते हैं इन उपायों से आप और आपके परिवार को

चमत्कारिक लाभ होगाजिस बाल्टी में आप नहाने का पानी लेते हैं

उस पानी पर यह उपाय करना होगा नहाने के पानी पर अपनी इंडेक्स फिंगर यानि तर्जनी अंगुली से

त्रिभुज का निशान बनाएं इसके बाद एक अक्षर का बीज मंत्र ‘ह्रीं’ पानी पर लिखें।

इस प्रकार प्रतिदिन नहाने से पहले यह उपाय करें यह तांत्रिक उपाय है

इस उपाय के साथ ही इष्टदेवी-देवताओं का भी पूजन-अर्चन करते रहना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति किसी नदी में स्नान करता है तो उसे पानी पर ‘ऊँ’ लिखकर पानी में तुरंत डुबकी मार लेना चाहिए।इस उपाय से भी नदी में स्नान का अधिक पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा भी समाप्त हो जाती है।
शास्त्रों के अनुसार नहाते समय देवी-देवताओं के नामों का या उनके मंत्रों का उच्चारण करने से स्वास्थ्य संबंधी फल भी प्राप्त होते हैं। इसके अलावा आप नहाते समय

नहाते समय चुपके से बोल दे यें मंत्र फिर होगा चमत्कार

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।
मंत्र का जप करना चाहिए

इससे धन और वैभव की प्राप्ति होती है। इस मंत्र में सभी प्रमुख और पवित्र नदियों के नाम आ जाते हैं जिससे आपको उनमें नहाने के बराबर पुण्य मिल जाता है।कोशिश हमेशा ये करनी चाहिए कि ब्रह्म मुहूर्त में ही उठकर स्नान कर लिया जाए ब्रह्म मुहूर्त में किए गए स्नान को शास्त्रों में देव स्नान की संज्ञा दी गई है नहाने के बाद सूर्य को जल भी चढ़ाना चाहिए और इस मंत्र का जप करना चाहिए

आदित्यस्य नमस्कारं, ये कुर्वन्ति दिने दिने, जन्मान्तरसहस्रेषु दारिद्र्यं नोपजायते।“
इसका अर्थ है जो लोग सूर्य को प्रतिदिन नमस्कार करते हैं, उन्हें हजारों जन्मों तक दरिद्रता प्राप्त नहीं होती।

From Around the web