आप भी नहीं जानते होंगे कि फांसी देने से पहले जल्लाद मुजरिम को क्या बोलता हैं , जाने फांसी के बारे में कुछ रोचक बातें

आज हम आपके लिए कुछ रोचक और महत्वपूर्ण सवाल लेकर आये है | जो कि फांसी से संबंधित हैं फांसी की सजा सुनाने के बाद जज पेन की निब क्यों तोड़ देते हैं ? सरकारी नौकरियां यहाँ देख सकते हैं :- सरकारी नौकरी करने के लिए बंपर मौका 8वीं 10वीं 12वीं पास कर सकते हैं
 
आप भी नहीं जानते होंगे कि फांसी देने से पहले जल्लाद मुजरिम को क्या बोलता हैं , जाने फांसी के बारे में कुछ रोचक बातें

आज हम आपके लिए कुछ रोचक और महत्वपूर्ण सवाल लेकर आये है | जो कि फांसी से संबंधित हैं

  1. फांसी की सजा सुनाने के बाद जज पेन की निब क्यों तोड़ देते हैं ?

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उत्तर- भारत के कानून में फाँसी की सजा सबसे बड़ी सजा हैं फांसी की सजा सुनाने के बाद पेन की निब इसलिए तोड़ दी जाती है क्योकिं इस पेन से किसी का जीवन खत्म हुआ है और इसका इसका कभी दोबारा प्रयोग ना करना पडे। एक कारण ये भी है कि एक बार फैसला लिख दिये जाने और निब तोड़ दिये जाने के बाद खुद जज को भी यह यह अधिकार नहीं होता कि उस जजमेंट की समीक्षा कर सके या उस फैसले को बदल सके ।

 

2. सूर्योदय से पहले ही फांसी क्यो दी जाती हैं ?

उत्तर-फाँसी देना जेल अधिकारियों के लिए बहुत बड़ा काम होता हैं और इसे सुबह होने से पहले इसलिए निपटा दिया जाता है ताकि दूसरे कैदी और काम प्रभावित ना हो। एक कारण ये भी हैं कि जिसको फांसी की सजा देनी हो उसे इंतजार ना करना पडे सुबह फांसी देने से उनके घर वालो को भी अंतिम संस्कार के लिए पूरा समय मिल जाता हैं।

आप भी नहीं जानते होंगे कि फांसी देने से पहले जल्लाद मुजरिम को क्या बोलता हैं , जाने फांसी के बारे में कुछ रोचक बातें

3. फांसी देने से पहले जल्लाद क्या बोलता हैं ?

उत्तर-जल्लाद फांसी देने से पहले बोलता है मुझे माफ कर दो। हिंदू भाईयों को राम-राम, मुस्लिम को सलाम, हम क्या कर सकते है हम तो हुकुम के गुलाम हैं।

4.फांसी देते वक्त कौन-कौन मौजूद रहते हैं ?

उत्तर-फाँसी देते समय कुछ ही लोग मौजूद रहते हैं

इनमें फांसी देते वक्त वहां पर जेल अधीक्षक, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, जल्लाद और डाँक्टर मौजूद रहते हैं।

5.फांसी से पहले आखिरी इच्छा में क्या इच्छाएँ हो सकती हैं

उत्तर-कैदी की किसी आखिरी इच्छा में परिजनों से मिलना,

कोई खास डिश खाना या कोई धर्म ग्रंथ पढ़ना शामिल होती हैं।

6.मुजरिम को कितने मिनट के लिए फांसी पर लटकाया जाता है

उत्तर-मुजरिम को 10 मिनट के लिए फांसी पर लटकाया जाता हैं

फिर डाँक्टर फांसी के फंदे में ही चेकअप करके बताता हैं कि वह मृत है या नहीं उसी के बाद मृत शरीर को फांसी के फंदे से उतारा जाता हैं.

7.फाँसी का फंदा भारत की किस जेल में तैयार होता है

उत्तर-फाँसी का फंदा सिर्फ बिहार की बक्सर जेल में ही तैयार होता है इसकी वजह यह है कि वहां के कैदी इसे तैयार करने में माहिर माने जाते हैं।

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