कैलिफोर्निया में इस जगह पाई जाती हैं वाटरप्रूफ मक्खियां, देखकर आप भी हो जाओगे हैरान

आपने कैलिफोर्निया के मोनो लेक के बारे में तो सुना ही होगा अगर नहीं सुना हैं तो चलो मैं ही बता देता हूँ यहाँ के महासागर का पानी तीन गुना अधिक खारा हैं| इन महासागरों के झीलों का पानी खारा होने का मुख्य कारण यहाँ पाए जाने वाले तत्व हैं, जैसे बोरोक्स तथा सोडियम कार्बोनेट लेकिन यह
 
कैलिफोर्निया में इस जगह पाई जाती हैं वाटरप्रूफ मक्खियां, देखकर आप भी हो जाओगे हैरान

आपने कैलिफोर्निया के मोनो लेक के बारे में तो सुना ही होगा अगर नहीं सुना हैं तो चलो मैं ही बता देता हूँ यहाँ के महासागर का पानी तीन गुना अधिक खारा हैं| इन महासागरों के झीलों का पानी खारा होने का मुख्य कारण यहाँ पाए जाने वाले तत्व हैं, जैसे बोरोक्स तथा सोडियम कार्बोनेट लेकिन यह पानी जीव जंतुओं के लिए बहुत हानिकारक हैं| यहाँ का पानी भले की जलीय जंतुओं के लिए हानिकारक हैं लेकिन मक्खियों के लिये यह क्षारीय तत्व वरदान हैं|

आप भी सोच रहे होंगे आखिर मक्खियों के लिये कैसा वरदान चलिए हम आपको बताते हैं जब भी मक्खियां झील में डुबकी लगाती है तो एक पानी का बुलबुला उठता है जिसके कारण इनके चारों ओर सुरक्षा आवरण बन जाता हैं और उन्हें ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराता है। ये मक्खियां पानी में 25 फीट गहराई तक जा सकती है लेकिन इनके पंखों पर कोई असर नहीं होता है इसलिये इन्हें स्कूबा डाइविंग मक्खियां भी कहते हैं।

वैज्ञानिकों ने इनकी क्षमता का परीक्षण करने के लिये मक्खियों को टंगस्टन रॉड से बांधकर उन्हें पानी में छोड़ दिया गया। एक मोटर के द्वारा उन्हें टैंक में ऊपर नीचे ले जाया गया। वैज्ञानिकों ने पाया की मक्खियों के शरीर पर बाल होते हैं जिस पर मोम की परत चढ़ी होती है यही परत इन्हें वाटरप्रूफ बनाती है। वैज्ञानिकों का मानना हैं की आने वाले समय में यह स्कूबा डाइव मक्खियां एक बेहतर वाटरप्रूफ तकनीक को जन्म देगी, जिसका उपयोग हर क्षेत्र किया जा सकेगा|

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