ये मंदिर दिन में दो बार नज़र से गायब हो जाता है देखिये गुजरात का अद्भुत शिव मंदिर

ये अनोखा मंदिर गुजरात में स्थित है। गुजरात के वडोदरा से 85 किलोमीटर की दूरी पर जंबूसर तहसील के कावी कंबोइ गांव में ये शिव मंदिर मौजूद हैं। इस मंदिर की अनोखी बात तो यह है कि ये दिन में दो बार गायब हो जाता है। ये मंदिर स्तंभेश्वर महादेव के नाम से मशहूर है।
 
ये मंदिर दिन में दो बार नज़र से गायब हो जाता है देखिये गुजरात का अद्भुत शिव मंदिर

ये अनोखा मंदिर गुजरात में स्थित है। गुजरात के वडोदरा से 85 किलोमीटर की दूरी पर जंबूसर तहसील के कावी कंबोइ गांव में ये शिव मंदिर मौजूद हैं। इस मंदिर की अनोखी बात तो यह है कि ये दिन में दो बार गायब हो जाता है।

ये मंदिर स्तंभेश्वर महादेव के नाम से मशहूर है। इस मदिर में महादेव के शिवलिंग की पूजा की जाती है। और इसके दर्शन तभी कर सकते हैं। जब समंदर की सपाटी मदिर से दूर होती है ये मंदिर अरब सागर के बीच कैम्बे तट पर है। इस मदिर का उल्लेख श्री महाशिवपुराण में मिलता है।

इस मंदिर का इतिहास

इस मंदिर की खोज लगभग 150 साल पहले हुई थी इस मंदिर में स्तंभेश्वर शिवलिंग है यहां आने वाले लोगो को पर्ची बाटी जाती है जिसमें ज्वार भाटा आने का समय लिखा होता है ताकि किसी को परेशानी का न हो

पौराणिक कथा

ताडकासुर नामक राक्षस ने कठोर तप किया और शिव भगवान को प्रसन्न किया और वरदान मांगा कि उसको कोई ना मार शके उसका वध केवल शिवपुत्र ही कर सके और वो भी सिर्फ छह दिन की आयु में वरदान मिलते ही उसने हाहाकार मचा दिया फिर महादेव के पुत्र कार्तिकेय ने सिर्फ छह दिन की आयु में उसका वध कर दिया कार्तिकेय को जब पता चला कि वो शिव भक्त था तो वो उदास हो गये तब विष्णु भगवान ने उसे वधस्थल पर शिवालय बनाने कहा
फिर कार्तिकेय और देवताओं ने यहां पर स्तंभ की स्थापना कर शिवलिंग की स्थापना की तबसे इस मंदिर का नाम स्तंभेश्वर महादेव पड गया

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