इंसान नहीं हैवान हैं ये दोनों भाई, हर रोज क्रब में जाकर लाशों के साथ करते थे ये काम

इन चेहरों को ध्यान से देखिए पुलिस के गिरफ्त में खड़े ये दोनों शख्स हिंदुस्तान के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से हैं। हाथों में हथकड़ियां चेहरे पर दहशत, ये दोनों शख्स भाई हैं। लेकिन इन दोनों को इंसान समझने की कोशिश भी मत करिएगा। क्योंकि ये इंसान नहीं बल्कि वो हैवान है जिन्हें इंसान कहना भी
 
इंसान नहीं हैवान हैं ये दोनों भाई, हर रोज क्रब में जाकर लाशों के साथ करते थे ये काम

इन चेहरों को ध्यान से देखिए पुलिस के गिरफ्त में खड़े ये दोनों शख्स हिंदुस्तान के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से हैं। हाथों में हथकड़ियां चेहरे पर दहशत, ये दोनों शख्स भाई हैं। लेकिन इन दोनों को इंसान समझने की कोशिश भी मत करिएगा। क्योंकि ये इंसान नहीं बल्कि वो हैवान है जिन्हें इंसान कहना भी इंसानियत को काली देना होगा। चेहरे पर दहशत और हैवानियत लेकर खड़े यह दोनों पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले दो आदमखोर भाई हैं।

इंसान नहीं हैवान हैं ये दोनों भाई, हर रोज क्रब में जाकर लाशों के साथ करते थे ये काम

जो कब्र से 150 मुर्दों को निकालकर खा गए थे।इन दोनों भाईयों का नाम हैं मोहम्मद फरमान अली और मोहम्मद आरिफ अली दरअसल साल 2011 में ये दोनों पुलिस की गिरफ्त में आए थे जब एक महिला के जनाजे को कब्रिस्तान में परिजन वाले दफ्न करके गए मगर जब अगले दिन वो वापस कब्र में आए तो वो हैरान थे क्योंकि कब्र खुली हुई थी और उसमें से महिला की शव गायब थी‌। जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की छानबीन के दौरान पुलिस को कहीं से पता चला की महिला की शव के गायब होने में दोनों भाईयों का हाथ हो सकता हैं।

जिसके बाद पुलिस उनके घर पहुंची तो देखा की घर के अंदर पतीले में कड़ी जैसी कोई चीज रखी हुई थी। जब पुलिस ने ओर भी जगहों की जांच की तो उन्हें बाहर एक बोरी में उस महिला की लाश मिली जिसे देखकर वो चौंक गए क्योंकि उस लाश के अंग कटे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों भाईयों को हिरासत में ले लिया और कड़ी वाले उस पतीले को जांच के लिए भेजवाया।जहां पता चला की वो कड़ी इंसानी मांस की बनी हुई थी।पुलिस के पूछताछ में इन दोनों भाईयों ने कबूला की ये कब्र से ऐसे मुर्दे निकलते थे जो हाल ही में दफनाए गए हैं और उन्हें अपने घर लेकर जाते थे।

उसके बाद वो इसकी कड़ी बनाकर खाते थे। जब इन्हें अदालत में पेश किया गया तो एक परेशानी खड़ी हो गयी की इस तरह की हरकत के लिए आरोपी को क्या सजा दी जाए क्योंकि इस तरह के अपराध के लिए वहां कोई प्रवधान ही नहीं था। इसलिए इन दोनों को कब्र से छेड़छाड़ करने और दूसरी धाराओं के तहत मुकादमा चला और दोनों को 2-2 साल की सजा हुई।

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