मिलिए देश के 4 सबसे बड़े डाकुओं से, जिनके नाम से कांपते थे लोग

आज से कुछ वर्ष पहले हमारे देश के कुछ हिस्सों में डाकुओं का राज चलता था लेकिन बदलते वक्त के साथ सरकार ने कुछ ऐसी पहल की, जिससे डाकुओं की संख्या दिन प्रतिदिन घटती चली गई। आज की यह पोस्ट आप सभी के लिए बेहद खास होने जा रही है क्योंकि इस पोस्ट में हम
 
मिलिए देश के 4 सबसे बड़े डाकुओं से, जिनके नाम से कांपते थे लोग

आज से कुछ वर्ष पहले हमारे देश के कुछ हिस्सों में डाकुओं का राज चलता था लेकिन बदलते वक्त के साथ सरकार ने कुछ ऐसी पहल की, जिससे डाकुओं की संख्या दिन प्रतिदिन घटती चली गई। आज की यह पोस्ट आप सभी के लिए बेहद खास होने जा रही है क्योंकि इस पोस्ट में हम आपको हमारे देश के 3 सबसे बड़े डाकुओं के बारे में बताने जा रहे हैं।

डाकू मानसिंह

डाकू मानसिंह को गरीबों का मसीहा भी कहा जाता था, इनका जन्म आगरा के पास खेरा राठौर नाम के गांव में राजपूत परिवार में हुआ था। डाकू मानसिंह केवल अमीरों का पैसा लूटता था और गरीबों में दान कर देता था।

वीरप्पन

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वीरप्पन का कैरेक्टर इतना दमदार था कि बॉलीवुड डायरेक्टर ने इनके ऊपर फिल्म भी बना दी थी। आपको बता दूं कि वीरप्पन के ऊपर 920000$ का इनाम रखा गया था।

सुल्ताना डाकू

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सुल्ताना डाकू की भी आदतें डाकू मानसिंह से काफी मिलती जुलती थी क्योंकि यह भी अमीरों से पैसा लूटकर गरीबों को दे देता था।

फूलन देवी

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फूलन देवी (10 अगस्त 1963 – 25जुलाई 2001) डकैत से सांसद बनी एक भारत की एक राजनेता थीं। एक निम्न वर्ग में उनका जन्म उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव गोरहा का पूर्वा में एक मल्लाह के घर हुआ था। फूलन की शादी ग्यारह साल की उम्र में हुई थी लेकिन उनके पति और पति के परिवार ने उन्हें छोड़ दिया था। बहुत तरह की प्रताड़ना और कष्ट झेलने के बाद फूलन देवी का झुकाव डकैतों की तरफ हुआ था। धीरे धीरे फूलनदेवी ने अपने खुद का एक गिरोहखड़ा कर लिया और उसकी नेता बनीं।

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