रोजाना 3 घंटे संगीत सुनकर दूध देती हैं यहाँ की गायें है ना अजब कहानी

संगीत का मानव मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है यह तो विज्ञान भी सिद्ध कर चुका है। यदि हम तनाव में हों और अच्छा संगीत सुने तो तनाव से राहत मिलती है। कई लोग अपने मूड के हिसाब से अलग अलग प्रकार का संगीत सुनना पसंद करते हैं। उनका कहना है ऐसा करने से उन्हें
 
रोजाना 3 घंटे संगीत सुनकर दूध देती हैं यहाँ की गायें है ना अजब कहानी

संगीत का मानव मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है यह तो विज्ञान भी सिद्ध कर चुका है। यदि हम तनाव में हों और अच्छा संगीत सुने तो तनाव से राहत मिलती है। कई लोग अपने मूड के हिसाब से अलग अलग प्रकार का संगीत सुनना पसंद करते हैं।

उनका कहना है ऐसा करने से उन्हें आत्मिक शांति का अहसास होता है।

तीन घंटे सुनतीं हैं संगीत

रोजाना 3 घंटे संगीत सुनकर दूध देती हैं यहाँ की गायें है ना अजब कहानी

पर यहां तो गायों को भी संगीत सुनाया जा रहा है।

राजस्थान के सीकर जिले के नीमकाथाना में खेतड़ी रोड पर स्थित श्रीगोपाल गौशाला में गायों को प्रतिदिन सुबह शाम बाकायदा म्यूजिक सिस्टम लगाकर तीन तीन घंटे संगीत सुनाया जाता है। गौशाला के प्रबंधकों का दावा है।

कि ऐसा करने से उनकी गायों ने 20 अधिक दूध देना शुरू कर दिया है।

गौशाला अध्यक्ष दौलतराम गोयल का कहना है कि उन्हें एक गौभक्त ने ऐसा करने की प्रेरणा दी थी।

उसके कहने पर उन्होंने गौशाला में बाकायदा म्यूजिक सिस्टम लगाकर गायों को संगीत सुनाना शुरू किया।

जल्द ही उन्हें इसके काफी सकारात्मक नतीजे देखने को मिले।

श्री गोयल का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है

कि संगीत के कारण ही गायों के दूध देने की क्षमता में अप्रत्योशित वृद्धि हुई है।

शास्त्रीय संगीत और भजन सुनती हैं गायें

रोजाना 3 घंटे संगीत सुनकर दूध देती हैं यहाँ की गायें है ना अजब कहानी

गायों को रोजाना शास्त्रीय संगीत और भजन सुनाये जाते हैं। गौशाला व्यवस्थापकों का कहना है

कि संगीत सुनने से पहले गायों के चेहरे काफी सुस्त से रहते थे,

जबकि संगीत सुनने के बाद से गायों के चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान सी रहती है।

पदाधिकारियों का तो यहां तक कहना है कि संगीत सुनाने से पहले जो गायें काफी दुर्बल थी वह भी अब काफी स्वस्थ और प्रसन्न रहने लगीं हैं।

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