रोचक : इस जेल में रहने के लिए देना पड़ता हैं 500 रुपय किराया, कुछ इस तरह से मिलती हैं एंट्री

रोचक : जेल में कैदी की लाइफ कैसी होती होगी जेल का खाना,पानी और हवा कैसी होती होगी इससे कभी जानने के लिए अब क्राइम करने की जरूरत नहीं हैं अब आप महेज 500 रुपय में एक दिन के लिए जेल का अनुभव ले सकते हैं तेलंगाना की संगारेड्डी जेल प्रशासन ने एक ऐसा अनोखा
 
रोचक : इस जेल में रहने के लिए देना पड़ता हैं 500 रुपय किराया, कुछ इस तरह से मिलती हैं एंट्री

रोचक : जेल में कैदी की लाइफ कैसी होती होगी जेल का खाना,पानी और हवा कैसी होती होगी इससे कभी जानने के लिए अब क्राइम करने की जरूरत नहीं हैं अब आप महेज 500 रुपय में एक दिन के लिए जेल का अनुभव ले सकते हैं तेलंगाना की संगारेड्डी जेल प्रशासन ने एक ऐसा अनोखा प्रोगाम बनाया है, जिसके तहत आप 24 घंटे के लिए जेल के एक सेल को किराए पर ले सकते हैं।

216 साल पुरानी जेल…मेडक जिले की संगारेड्डी जेल की इस बिल्डिंग को 1796 में हैदराबाद के निजाम अली खान ने बनवाया था शुरुआत में यहां घोड़ों का अस्तबल था, जिसे अंग्रेजों ने जेल का रूप दे दिया 2012 तक ये अन्य जेलों की तरह ही कैदियों के लिए था, लेकिन उसके बाद इसके एक सेल को डमी जेल का रूप दे दिया गया 216 साल पुरानी इस जेल को म्यूजियम के तौर पर टूरिस्टों के लिए खोल दी गई।

रोचक : इस जेल में रहने के लिए देना पड़ता हैं 500 रुपय किराया, कुछ इस तरह से मिलती हैं एंट्री

इस म्यूजियम में निजामशाही के दौरान की कई ऐतिहासिक चीजें मौजूद हैं।
तेलंगाना के तत्कालीन डीजीपी का वीके सिंह के दिमाग में यह आइडिया आया, जिसके बाद इसे लोगों के लिए ओपन कर दिया पूर्व डीजीपी ने बताया कि अपराध में कमी लाने और लोगों में अवेयरनेस लाने के लिए इस जेल के सेल को एक डमी जेल के रूप में यूज किया जाने का विचार किया आया उन्होंने बताया कि जेल में एक साल तक रहना कितना मुश्किल है कि शाम होते-होते कई लोग तो भागने लगते हैं हालांकि, अब बीच में छोड़ने पर 500 रुपए फाइन लगाने का विचार किया जा रहा है।

रोचक : इस जेल में रहने के लिए देना पड़ता हैं 500 रुपय किराया, कुछ इस तरह से मिलती हैं एंट्री

इस जेल में एंट्री लेने से पहले अपना फिटनेस टेस्ट रिपोर्ट और अंडरटेकिंग जमा करनी होती है सबसे पहले 500 रुपए में टिकट लेने के बाद रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा और अपनी सभी चीजें जमा करवानी पड़ती हैं जेल में कैदी की तरह महसूस कराने के लिए जेल प्रशासन आपको खादी की बनी वर्दी, खाने के लिए स्टील की प्लेट, नहाने और कपड़े धोने का साबुन और सोने के लिए बिस्तर भी मुहैया कराया जाएगा उसके बाद कैदी नंबर के साथ आपको बैरक अलॉट कर दी जाएगी, जहां रात के वक्त टॉयलेट अंदर ही यूज करना पड़ता है यहां आने वाले लोग बिल्कुल दुनिया से दूर हो जाते हैं, क्योंकि मोबाइल, घड़ी और पर्स समेत सभी चीजें जमा करवा ली जाती हैं.

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