इंसान की सही गलत, अच्छी बुरी बातों की पहचान ऐसे करें- तरीका दिया हुआ है

इंसान के पास दिमाग एक ऐसा औजार है जो अच्छे अच्छों को मात दे सकता है। पूरे मानव शरीर पर दिमाग का ही नियंत्रण होता है। सही गलत, अच्छे बुरे की पहचान भी दिमाग से ही होती है। साथ ही दिमाग मानव की हर हरकत पर छोटे छोटे इशारे देता है, जिन्हें हम अनदेखा कर
 
इंसान की सही गलत, अच्छी बुरी बातों की पहचान ऐसे करें- तरीका दिया हुआ है

इंसान के पास दिमाग एक ऐसा औजार है जो अच्छे अच्छों को मात दे सकता है। पूरे मानव शरीर पर दिमाग का ही नियंत्रण होता है। सही गलत, अच्छे बुरे की पहचान भी दिमाग से ही होती है।

इंसान की सही गलत, अच्छी बुरी बातों की पहचान ऐसे करें- तरीका दिया हुआ है

साथ ही दिमाग मानव की हर हरकत पर छोटे छोटे इशारे देता है, जिन्हें हम अनदेखा कर देते हैं या यूं कहें कि ये इशारे हमारी समझ से परे हैं। कुछ ऐसा ही इशारा, दिमाग सच और झूठ के बीच फ़र्क करने के लिए करता है।

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इंसान की सही गलत, अच्छी बुरी बातों की पहचान ऐसे करें- तरीका दिया हुआ है

हमारा दिमाग दो हिस्सो में विभाजित होता है। जिन्हें राईट ब्रेन और लेफ्ट ब्रेन के नाम से जाना जाता है। राईट ब्रेन वो होता है जिसमें सब कुछ नया आता रहता है। यानी सारे नए आइडिया राईट ब्रेन में आते है। वहीं लेफ्ट ब्रेन याद रखने वाला होता है। आपके जीवन की सभी यादें लेफ्ट ब्रेन में समाहित होती है।

कैसे पता करें, सामने वाला सच बोल रहा है या झूठ

इंसान की सही गलत, अच्छी बुरी बातों की पहचान ऐसे करें- तरीका दिया हुआ है

जैसा कि हमने आपको बताया कि राईट ब्रेन में सब कुछ नया आता है। ऐसे में अगर कोई आपके सामने कुछ बात कह रहा है और बार-बार उसकी आंखे राईट की तरफ इशारा कर रही हैं, तो इसका मतलब है कि सामने वाला झूठ बोल रहा है। वो इंसान आपके सामने ही अपने दिमाग में नई-नई बातें बना रहा है।

इंसान की सही गलत, अच्छी बुरी बातों की पहचान ऐसे करें- तरीका दिया हुआ है

वहीं अगर उस इंसान की आंखे बार-बार लेफ्ट की तरफ इशारा कर रही है तो वह सच बोल रहा है, क्योंकि लेफ्ट ब्रेन में यादें बसी होती है तो वह इंसान बार-बार अपने दिमाग में उन घटाओं को दोरहा कर याद करने की कोशिश कर रहा है। जो उसके साथ सच में घटी हैं।

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