ये है भारत की अभी तक की 4 डरावनी जगह, जानिए इनके बारे में

फिरोज शाह कोटला किला:- फिरोज़ शाह कोटला किला सन 1354 में फिरोज़ शाह तुगलक ने बनवाया था। कहा जाता है कि इस किले में जिन्न व आत्माएं भटकती है। इस किले में रात को कोई नहीं जाता है। इस किले में गुरूवार को स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और जिन्नों को खुश करने
 
ये है भारत की अभी तक की 4 डरावनी जगह, जानिए इनके बारे में

फिरोज शाह कोटला किला:-

फिरोज़ शाह कोटला किला सन 1354 में फिरोज़ शाह तुगलक ने बनवाया था। कहा जाता है कि इस किले में जिन्न व आत्माएं भटकती है। इस किले में रात को कोई नहीं जाता है। इस किले में गुरूवार को स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और जिन्नों को खुश करने के लिए मोमबत्तियां भी जलाते है। ऐसा कहा जाता है कि यहाँ रहने वाले जिन्न उनके मानने वालों की मुराद पूरी करते हैं।

इतना ही नहीं यहां कई लोग झाड़फूंक करवाने भी आते हैं। इन बातों में कितनी सच्चाई है इसके बारे में कुछ कहा तो नहीं जा सकता, लेकिन लोगों की आस्था और विश्वास पर भी सवाल नहीं उठाए जा सकते। अगर आप घूमने के लिहाज़ से इस किले में आना चाहते है तो ये अच्छी जगह है। फिरोज शाह कोटला किला दिल्ली के विक्रम नगर की बाल्मीकि बस्ती में है। इस किले में आने के लिए सबसे नजदीक मेट्रो स्टेशन प्रगति मैदान है।

खूनी दरवाजा:-

खुनी दरबाजा इतिहास से ज्यादा लोगों के बीच यह हॉन्टेड होने के चलते काफी लोकप्रिय है। खुनी दरबाजे को लाल दरबाजा भी कहा जाता है और यह बहादुर शाह जफ़र मार्ग पर दिल्ली गेट के नजदीक स्थित है। हालाँकि यहाँ लोगों का मानना है कि एकांत में होने की वजह से यहाँ क्राइम बहुत ज्यादा होता है। खुनी दरबाजे (लाल दरबाजा) के नाम पड़ने के पीछे भी एक कहानी है। बहादुर शाह जफ़र के तीन बेटों मिर्जा ग़ालिब, किज़्र सुलतान और पोते अबू बकर को ब्रिटिश जनरल विलियम हॉडसन ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसी दरबाजे पर तीनों की गोली मार कर हत्या कर दी थी।

कई और भी किस्से इस दरबाजे पर हुए थे। जब भारत का विभाजन हुआ तो दंगों के दौरान कई शरणार्थियों को यहाँ मौत के घाट उतार दिया गया था। 2002 में यहाँ पर मेडिकल छात्रा के साथ तीन युवकों ने दुष्कर्म भी किया था। इस घटना के बाद से यह स्मारक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया। इस दरबाजे के सामने दूकान लगाने वाले लोग कहते है कि यहाँ भूत रहते हैं पर वह सिर्फ विदेशी लोगों को ही अपना निशाना बनाते हैं।

द्वारका सेक्टर 9 का पीपल का पेड़:-

वैसे विज्ञान को अगर देखें तो वह भूत-प्रेत जैसी चीज़ों को मानने से इनकार करता है। विज्ञान कहता है कि यह सब इंसान का भ्रम हैं, लेकिन वहीं इंसान कहता है कि यह भ्रम बिलकुल नहीं हैं। दिल्ली के द्वारका सेक्टर 9 में एक ऐसी जगह है। जहाँ पर लोग जाने से भी कतराते हैं। लोगों का कहना है कि द्वारका सेक्टर 9 मेट्रो स्टेशन के नजदीक स्थित सड़क पर एक पीपल का पेड़ है

और दूसरा पेड़ नीम का है यह दोनों पेड़ आपस में मिले हुए हैं। इन पेड़ के चारों और चबूतरा भी बनाया गया है और उस चबूतरे पर भगवान की मूर्तियां भी रखी हुई हैं। लोगों का कहना है कि यहाँ पर सफ़ेद साड़ी में एक औरत रात को दिखती है और वह लोगों से लिफ्ट मांगती है।

लिफ्ट न देने पर गाड़ी का काफी देर तक पीछा करती है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने उस औरत को लिफ्ट भी दी है और वह थोड़ी दूर जाकर गायब हो जाती है।

जीपी ब्लॉक, मेरठ:-

दिल्ली से सटे हुए मेरठ शहर में स्थित बंगला भूतिया महल के नाम से जान जाता है। शहर के जीपी ब्लॉक के बारे में लोगों में अलग-अलग कहानियां प्रचलित हैं। लोग बताते हैं कि यहां लाल कपड़ों में एक लड़की का भूत देखा गया है।

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