पोस्टमार्टम से पहले मुर्दा लेने लगा ज़ोर ज़ोर से खर्राटे, हिलने लगी टेबल तो डर गए डॉक्टर

स्पेन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पोस्मार्टम के लिए टेबल पर लेटा मृत कैदी अचानक खर्राटे लेने लगा और टेबल हिलने लगी। मीडिया के मुताबिक,घटना के चार घंटे पहले ही तीन डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया था। गोंजालो मोटोया जिमेनेज के शव को ओवीडो शहर में शव परीक्षण के लिए भेजा
 
पोस्टमार्टम से पहले मुर्दा लेने लगा ज़ोर ज़ोर से खर्राटे, हिलने लगी टेबल तो डर गए डॉक्टर

स्पेन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पोस्मार्टम के लिए टेबल पर लेटा मृत कैदी अचानक खर्राटे लेने लगा और टेबल हिलने लगी। मीडिया के मुताबिक,घटना के चार घंटे पहले ही तीन डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया था। गोंजालो मोटोया जिमेनेज के शव को ओवीडो शहर में शव परीक्षण के लिए भेजा गया था।

डॉक्टरों ने उसका पोस्टमार्टम करने के लिए शव पर निशान भी लगा दिए थे,लेकिन तभी वह खर्राटे लेने लगा। इसे देखकर डॉक्टर डर गए। अधिकारियों ने परिवार वालों को बताया कि जब सुबह की घंटी बजने के बाद भी वह नहीं उठा,तो सभी को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है। 29 वर्षीय गोंजालो की तीन डॉक्टरों ने जांच की,जिसमें कैदी ने जिंदा होने के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया और उसके शव को बैग में डालकर शव परीक्षण के लिए भेज दिया गया। उनके रिश्तेदार ने कहा कि डॉक्टरों ने गोंजालो की बॉडी को खोल लिया था और छुरी चलाने के लिए उसके शरीर पर निशान भी बना दिए थे।

खबरों के मुताबिक मृत घोषित करने के चार घंटे बाद जब बॉडी को फॉरेंसिक विशेषज्ञ के पास मुर्दाघर में आई,तो बैग के अंदर से खर्राटों की आवाज आ रही थी। इसके बाद बॉडी हिलने भी लगी थी।यह सब होने के बाद कैदी को इमरजेंसी रूम में ले जाया गया और उसका इलाज किया गया।

तीनो में से सिर्फ एक डॉक्टर ने जांच की और दो डॉक्टरों ने सीधा उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में इन्वेस्टिगेशन टीम को मामले की जांच का आदेश दिया गया है कि यदि उस कैदी की मौत नहीं हुई थी, तो उसे मृत घोषित क्यों किया गया?

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