दुनिया के 5 सबसे बड़े रहस्य जिन्हें कोई नहीं सुलझा सका,? वैज्ञानिको के लिए अब तक है अनसुलझे

शनि ग्रह का तूफ़ान – वैज्ञानिकों ने सन् 2013 में शनि ग्रह की सतह पर एक भारी तूफ़ान देखा था. यहां उस तूफ़ान की तीव्रता 530 किमी प्रति घंटा थी. पृथ्वी पर तो समुद्र एक बड़ी वजह है कि यहां भारी तूफ़ान उठते हैं मगर शनि ग्रह पर ऐसी कोई वजह नहीं दिखलाई पड़ती. ब्रम्हांड
 
दुनिया के 5 सबसे बड़े रहस्य जिन्हें कोई नहीं सुलझा सका,? वैज्ञानिको के लिए अब तक है अनसुलझे
  1. शनि ग्रह का तूफ़ान – वैज्ञानिकों ने सन् 2013 में शनि ग्रह की सतह पर एक भारी तूफ़ान देखा था. यहां उस तूफ़ान की तीव्रता 530 किमी प्रति घंटा थी. पृथ्वी पर तो समुद्र एक बड़ी वजह है कि यहां भारी तूफ़ान उठते हैं मगर शनि ग्रह पर ऐसी कोई वजह नहीं दिखलाई पड़ती.

  2. ब्रम्हांड की शुरुआत – कहा जाता है कि ब्रम्हांड की शुरुआत के पीछे बिगबैंग थ्योरी ही कारण है. कहा जाता है कि आज से लगभह 14 बिलियन वर्ष पूर्व पूरा ब्रम्हांड एक ही इकाई था. हालांकि यह थ्योरी सारी गुत्थियां नहीं खोलती कि बिगबैंग से पहले ब्रम्हांड का स्वरूप क्या था? अब यह भी तो एक रहस्य ही है, है कि नहीं?

  3. चंद्रमा का आकार भ्रम – कहा जाता है कि चांद जब क्षितिज पर होता है तो यह सामान्य से ज़्यादा बड़ा दिखलाई पड़ता है. मगर वही चांद जब आसमान में ऊपर होता है तो उसमें कोई परिवर्तन नहीं दिखलाई पड़ता. हालांकि थ्योरियां तो कई हैं जो ऐसा दावा करती हैं कि ऐसा क्यों होता है, मगर किसी के पास भी कोई ठोस जानकारी नहीं है.

  4. पिंडीय रोशनी – यह शायद अब तक की सबसे अधिक उलझाने वाला गुत्थियों में से एक है. इसमें एक छोटे मटर के दानें से लेकर कई मीटर तक के पिंड शामिल हैं. हालांकि इसके उत्पन्न होने की वजह तूफ़ानों को माना जाता है. यह पूरी प्रक्रिया किसी सामान्य बिजली चमकने से लंबे समय तक चलती है. सन् 1834 से ही इस पूरे प्रकरण पर शोध चल रहा है मगर वैज्ञानिकों के लिए आज भी यह एक उलझन ही बना हुआ है.

  5. ज्वालामुखीय रोशनी – वैज्ञानिकों ने ऐसा पाया है कि जैसी रोशनी भूकम्प से ठीक पहले देखने को मिलती है वैसी ही रोशनी ज्वालामुखी के फटने से पहले देखे जाते हैं. हालिया अध्ययन की मानें तो यह बड़े-बड़े पत्थरों के टकराने और घर्षण का परिणाम है.

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