सामने आया कैलाश पर्वत का नया रहस्य, नासा भी अब हैरान !!

सामने आया कैलाश पर्वत का नया रहस्य: अज्ञानता और सृष्टि के विनाशकारी संतों के महागुरु महादेव शिव शंकर की कृपा अगर किसी मनुष्य पर हो तो उसे किस बात का भय। आपको बता दे कि महादेव के दर्शन हो ना हो लेकिन इनके निवास का दर्शन मनुष्य के भाग्य में जरूर लिखा है। हिमालय की
 
सामने आया कैलाश पर्वत का नया रहस्य, नासा भी अब हैरान !!

सामने आया कैलाश पर्वत का नया रहस्य: अज्ञानता और सृष्टि के विनाशकारी संतों के महागुरु महादेव शिव शंकर की कृपा अगर किसी मनुष्य पर हो तो उसे किस बात का भय। आपको बता दे कि महादेव के दर्शन हो ना हो लेकिन इनके निवास का दर्शन मनुष्य के भाग्य में जरूर लिखा है। हिमालय की गोद में बसा ये कैलाश पर्वत भले ही दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत है ना हो। लेकिन इसके सामने सारे पर्वत फीके पड़ जाते हैं। और आपको बता दें कि इस पर्वत की महानता इसी से हो जाती है कि कोई भी मनुष्य या मनुष्य की बनाई हुई मशीन इस पर्वत पर नहीं चढ़ पाई है।

और आपको बता दे कि जिसने भी यह दुस्साहस की है उसे मृत्यु ही प्राप्त हुई है। और यही वजह है कि इससे जुड़े सारे रहस्य बेनकाब नहीं हो पाए हैं। चाहे वह कोई दिव्य शक्तियां हो या कोई वैज्ञानिक उलझन।

इस रहस्यमई पर्वत के कुछ अनसुलझे रहस्य-

आपको बता दें कि कैलाश पर्वत धरती का केंद्र माना जाता है। यह पर्वत सृष्टि के सभी जीव जंतुओं को जीवित रखने के लिए वातावरण को बनाए रखता है। इस पर्वत की सारी दिशाएं मिल जाती है। और दुनिया की सारी अलौकिक शक्तियों का जन्म होता है। इस पर्वत की ऊंचाई समुद्र तट से लगभग 6000 हजार सात सौ 14 मीटर है।

और इसकी भव्यता इसकी ऊंचाई नहीं बल्कि आकार से है। और शिव लिंग के आकार का यह पर्वत अपने आप में ही एक मंदिर है। और बर्फ से ढके इस पर्वत पर सूर्य की किरणें पड़ती है तो यह पर्वत सोने की तरह चमक उठता है। मानो ऐसा प्रतीत होता है कि कैलाश ही सत्य है और सत्य ही शिव है।

कैलाश मानसरोवर दुनिया का प्राचीन मानसरोवर है। जो कैलाश पर्वत में स्थित है। और धरती के स्थल पर हवाओं और तरंगों का कुछ इस तरह मिलन होता है। कि यहां आए भक्तों को ओम की अद्भुत ध्वनि सुनाई देता है कैलाश पर्वत की चोटी भी दिशा दिखाने वाली कंपस की तरह है। और इसी तरह यहां से चार नदियों की उत्तरण भी हुआ है।

जिसके नाम है ब्रह्मपुत्र, सिंधु घागरा सतलज जो चार दिशाओं को दर्शाते हैं। और माना जाता है कि कैलाश पर्वत की चोटी पर इंसान और भगवान का मिलन होता है। लेकिन आज तक कोई भी सफलतापूर्वक इस चोटी पर नहीं पहुंच पाया है।

इस पर्वत पर चढ़ने वाले लोगों का मानना है। कि अक्सर व आंधी तूफानों की वजह से खो जाते हैं। और इस प्रकार यह प्रतीत होता है कि कैलाश पर्वत हर वक्त अपने रुख बदलता रहता है। जिनकी शक्तियों का कोई पार नहीं उनकी मर्जी के बिना उनके निवास स्थान पर कोई आ जाए ऐसा हुआ होने नहीं देंगे।

आपको बता दें कि कैलाश पर्वत की एक खासियत और है कि यह चार तत्वों से बना हुआ है। जिसमें सोना भी खास है। 6 पर्वतों से घिरा हुआ कैलाश पर्वत एक कमल की तरह दिखता है और यही नहीं जब गर्मियों में बर्फ पिघलती है। तब इस पर्वत पर ओम का चिन्ह दिखता है। मानव जैसे सूर्य भी भोलेनाथ को नमन कर रहे हो। देशभर के वैज्ञानिकों का मानना है। कि विज्ञान भी इस विचित्र विभिन्नता से चकित है।

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